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दुनिया

सॉरी, एटीएम खराब है

भारत में ऐसा इक्का दुक्का जगहों पर नहीं होता. देश भर में हर दिन एक तिहाई एटीएम खराब रहते हैं. रिजर्व बैंक इस बेहाली से नाराज है.

भारतीय रिजर्व बैंक ने देश भर में बैकिंग सेवाओं से जुड़ा एक सर्वे कराया. आरबीआई के डिप्टी चेयरमैन एसएस मुंद्रा के मुताबिक, "सर्वे के नतीजे बिल्कुल अच्छे नहीं हैं. करीब एक तिहाई एटीएम उस वक्त खराब मिलीं."

सर्वे में यह भी पता चला कि कई बैंकों ने कहां कहां, रिजर्व बैंक निर्देशों का उल्लंघन किया है. मुंद्रा ने कहा, "डिसप्ले मैटीरियल से संबंधित, शारीरिक रूप से अक्षम लोगों को सुविधा देने वाले रेगुलेटरी निर्देशों का भी उल्लंघन देखा गया. हम इस बारे में जरूरी सुपरवाइजरी कदम उठा रहे हैं."

विश्व बैंक के मुताबिक फिलहाल 53 फीसदी वयस्क भारतीयों के पास बैंक खाता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि हर भारतीय का एक बैंक खाता हो. बीते दो साल में सरकारी और गैरसरकारी बैंकों के जरिए गांव गांव जाकर लोगों के खाते खोले जा रहे हैं. कई जगहों पर बैंक की शाखा नहीं है लेकिन लोगों को सुविधा देने के लिए एटीएम लगाए जाने हैं. वित्त मंत्री अरुण जेटली के मुताबिक 2015 तक भारत में बड़े पैमाने पर एटीएम लगाए जाएंगे.

लेकिन अगर दूर दराज के इलाकों में एटीएम काम ही न करें, तो बात नहीं बनेगी. जिन गांवों में एटीएम लगाये जा चुके हैं वहां लोगों को बड़ी राहत मिली है. राशन कार्ड और गैस की सब्सिडी अब सीधे लोगों के खाते में आ रही है. नई एएटीएम मशीनों के जरिए आम लोगों के साथ साथ बुजुर्ग पेंशनधारियों की भी बड़ी राहत मिलेगी. उन्हें पैसा निकालने या बैलेंस चेक करने के लिए शहर का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा. लेकिन अगर 33.3 फीसदी एटीएम काम ही न करें, तो ये सुविधाएं सिर्फ दिखावा भर रह जाएंगी.

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