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दुनिया

सैन्य कटौती ने बढ़ाया लिपोसक्शन

प्लास्टिक सर्जन एडम टाटेलबाउम को अक्सर सैनिकों के फोन आते हैं कि जल्द से जल्द लिपोसक्शन करके चर्बी घटवानी है. अमेरिकी सेना पर आखिर किस बात का दबाव है?

मेरीलैंड के रॉकविल शहर के सर्जन टाटेलबाउम ने बताया, "सैनिक फौज से निकाले जाने या पदोन्नति ना मिलने के डर से घबराए हुए आते हैं." सैनिक इस बात की भी शिकायत करते हैं कि सेना में शरीर को जांचने के तरीके कुछ ऐसे हैं कि उनमें भारी शरीर वाले छंट जाते हैं. फिटनेस एक्सपर्ट भी उनकी इस बात से सहमत हैं और मानते हैं कि विभाग को अपने फिटनेस मानक सुधारने की जरूरत है. उनका कहना है कि सैन्य मुख्यालय पेंटागन में वजन की तालिका बहुत पुरानी है, जबकि आज कल के अमेरिकी साइज में बड़े जरूर हैं लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उनका शरीर कम स्वस्थ है.

क्यों है दबाव

पिछले पांच साल में ऐसे सैनिकों की संख्या दस गुना बढ़ी है जो निर्धारित वजन से ज्यादा के हैं या मोटापे की श्रेणी में आते हैं. कई अमेरिकी सैनिकों का कहना है कि अफगानिस्तान युद्ध समाप्त होने और बजट में कटौती के बाद से उन पर दबाव ज्यादा है.

होनोलूलू के प्लास्टिक सर्जन डॉ माइकल पास्काल ने बताया कि उनके यहां आने वाले सैन्य कर्मचारियों की संख्या में 2011 से अब तक 30 फीसदी बढ़ोतरी हुई है, उनके पास हर महीने करीब आधा दर्जन सैनिक आते हैं. वो बताते हैं, "उन्हें अपने भविष्य की चिंता होती है. सेना में कटौती के चलते उन पर काफी दबाव है."

सैन्य अधिकारी कहते हैं कि संघर्ष की चुनौतियों का सामना करने के लिए ये टेस्ट बहुत जरूरी हैं. सैन्य विभाग सर्जरी द्वारा शरीर से वसा घटाने का साथ नहीं देता लेकिन लिपोसक्शन प्रतिबंधित भी नहीं है.

पेंटागन के मानकों के अनुसार ज्यादा चर्बी वाले सैनिकों में बहुत कम ही ऐसे होते हैं जो फिटनेस टेस्ट में अच्छा कर पाते हैं.

अमेरिकी जल सेना में शारीरिक तैयारी के कार्यक्रम के अध्यक्ष बिल मूर कहते हैं, "हम चाहते हैं इस टेस्ट में सभी पास हों. यह कोई ऐसी संस्था नहीं है जो पहले उन्हें तैयार करे और फिर कहे चलो बाहर निकलो."

टेप टेस्ट

सेना के टेप टेस्ट में गर्दन और कमर की माप ली जाती है. जबकि आधुनिक समय में ज्यादातर जगह शरीर की ऊंचाई और वजन के अनुपात के आधार पर बॉडी मास इंडेक्स द्वारा फिटनेस परखी जाती है.

जो लोग इस टेस्ट में फेल हो जाते हैं उन्हें महीनों के लिए कड़ी कसरत और पोषक खाने पर ध्यान देना होता है. कई सैनिकों का कहना है कि इसके बाद वे इस टेस्ट में पास भी हो जाएं लेकिन एक बार रुक जाने पर उनकी पदोन्नति कई साल तक के लिए लटक जाती है. और तीन बार फेल हो जाने पर फौज से बाहर भी निकाला जा सकता है. ऐसे में जल्द से जल्द वजन घटाने का रास्ता उन्हें लिपोसक्शन ही लगता है.

सस्ता नहीं लिपोसक्शन

लिपोसक्शन का खर्चा सैन्य बीमा के अंतर्गत तभी उठाया जाता है जब यह चिकित्सकीय रूप से जरूरी हो, वर्ना खर्चा खुद उठाना पड़ता है. टेस्ट पास करने के लिए कराया जाने वाला लिपोसक्शन चिकित्सकीय जरूरत नहीं है. इसकी कीमत लगभग 6000 डॉलर है.

कुछ सैनिक ऐसे खाने पर ध्यान देते हैं जो उनकी गर्दन की साइज को भी कमर के अनुसार बढ़ा दे, और दोनों सही अनुपात में हों. डॉ पास्काल ने बताया कई बार उनके पास ऐसे भी सैनिक आते हैं जिन्हें उनके कमांडर ने ही लिपोसक्शन करवाने के लिए कहा होता है. आप उनसे पूछेंगे तो वे इस बात से इंकार कर देंगे लेकिन ऐसा अक्सर कुछ लोगों में खराब जेनेटिक संरचना की वजह से होता है. उनका शरीर तो बिल्कुल स्वस्थ और चुस्त होता है लेकिन बस बनावट ही कुछ सही नहीं होती.

एसएफ/एएम (एपी)

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