1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

मंथन

सेग से सेफ बनती टैक्सी

ब्राजील के रोड्रिगो टेरा रियोस ने अपने परिजन को खो दिया. वो टैक्सी चलाते थे. दुनिया में कई जगहों पर टैक्सी चालकों और लोगों के साथ लूटपाट आम है. इससे परेशान रियोस ने इसे रोकने का एक स्मार्ट तरीका निकाला.

रियो दे जनेरो, समुद्र तट पर बसा ब्राजील का यह शहर अपनी अल्हड़ अदाओं, मौज मस्ती और व्यस्त ट्रैफिक के लिए जाना जाता है. लेकिन साथ ही यह दुनिया के अत्यंत खतरनाक शहरों में भी शामिल है. टैक्सी ड्राइवरों को खास ध्यान रखना पड़ता है. इसीलिए रोड्रिगो टेरा रियोस ने एक ऐप बनाया है जो टैक्सी ड्राइवरों को ज्यादा सुरक्षा दे सकेगा.

टैक्सी ड्राइवर को सिर्फ एक स्मार्टफोन की जरूरत होती है. सेग टैक्सी ऐप टैक्सी के इंटीरियर की तस्वीर लेता रहता है. एक बोर्ड पर नोटिस लगा होता है कि टैक्सी की वीडियो रिकॉर्डिंग हो रही है. एक्स्ट्रा वाइड एंगल लेंस के साथ यह कैमरा टैक्सी के पूरे इंटीरियर पर नजर रखता है.

सुरक्षा का अच्छा तरीका

टैक्सी चालक फाबियो मेंडोंका ऐप को इस्तेमाल कर रहे हैं, वह कहते हैं, "मैं सेग टैक्सी ऐप इसलिए इस्तेमाल करता हूं कि मेरी राय में सुरक्षा पर निवेश जरूरी है. न सिर्फ मेरे लिए बल्कि पैसेंजरों के लिए भी."

तस्वीर खींचे जाने या निगरानी की चिंता ज्यादातर यात्रियों को नहीं होती. शायद ही कोई कैमरे पर सवाल करता है. सार्वजनिक जगहों पर आम हो गया है, लाइब्रेरी, रेस्तरां हो या पेट्रोल पंप, सुरक्षा कैमरों को स्वीकार कर लिया गया है. ऐप की खासियत है कि वीडियो टैक्सी में नहीं बल्कि सीधा एक सेंट्रल सर्वर पर सेव होता है ताकि अपराधी सबूत भी न मिटा सके. इस सर्विस के लिए टैक्सी ड्राइवरों को महीने में करीब 900 रुपये देने पड़ते हैं.

डाटा सिक्योरिटी

डाटा को कम रखने के लिए सिर्फ तस्वीरें ट्रांसपोर्ट की जाती हैं. कनेक्शन खराब हो तो तस्वीरें बाद में चली जाती है. डाटा सुरक्षा कानून की वजह से तस्वीरें सिर्फ 48 घंटे के लिए सेव की जाती हैं, उसके बाद उन्हें मिटा दिया जाता है. रोड्रिगो टेरा रियोस इसे जरूरी बताते हैं, "डाटा सिक्योरिटी हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है. हम इस बात पर बहुत ज्यादा ध्यान देते हैं कि हमारे सर्वर पर डाउनलोड होने वाली तस्वीरें सुरक्षित सर्वर पर जाएं और टैक्सी ड्राइवरों को वे तस्वीरें उपलब्ध न हों."

सर्वर पर तस्वीरों से वीडियो बनाया जाता है. यह वीडियो हमले की स्थिति में अपराध की जांच में मदद कर सकता है. तस्वीरें पुलिस या बीमा कंपनी के मांगने पर ही उन्हें दी जाती हैं. भविष्य में टैक्सियों पर जीपीएस के सहारे भी नजर रखी जा सकेगी.

डेवलपर अब इस ऐप के अंग्रेजी संस्करण पर भी काम कर रहे हैं ताकि वह दुनिया भर में इस्तेमाल हो सके.

DW.COM

संबंधित सामग्री