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दुनिया

सुरक्षा परिषद ने की उत्तर कोरिया के भड़काऊ परीक्षणों की निंदा

सुरक्षा परिषद ने आपात बैठक ने उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन से मिसाइलों का परीक्षण रोकने की मांग की है. जबकि किम ने कहा कि निशाने का अभ्यास करने के लिए उत्तर कोरिया ऐसे और परीक्षण करेगा.

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक में सदस्य देशों ने उत्तर कोरिया को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर वह अपना मिसाइल विकास कार्यक्रम नहीं रोकता है तो और भी नये प्रतिबंधों के लिए तैयार रहना होगा. दूसरी ओर, ऐसी अपीलों और चेतावनियों पर बिल्कुल भी ध्यान न देते हुए उत्तर कोरिया ने अपने इंटरमीडिएट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (आईआरबीएम) के लॉन्च को अमेरिकी और दक्षिण कोरियाई सेना के संयुक्त सैन्य अभ्यास का जवाब बताया है.

उत्तर कोरिया ने यह भी कहा है कि प्रशांत महासागर क्षेत्र में अमेरिका के गुआम सैन्य केंद्र को उसकी सीमा दिखाने के लिए यह टेस्ट किया गया. किम जोंग उन ने पहली बार राजधानी प्योंगयांग से यह परीक्षण कराये जाने के आदेश दिये थे. उत्तर कोरिया की केसीएनए समाचार एजेंसी के अनुसार किम ने कहा है कि प्रशांत महासागरीय क्षेत्र में निशाने का अभ्यास करने के लिए ऐसे और परीक्षणों की जरूरत है.

15 सदस्यों की सुरक्षा परिषद ने कहा है कि तनाव को कम करने के लिए उत्तर कोरिया का तुरंत और ठोस कदम उठाना "अति आवश्यक" है. सुरक्षा परिषद पहले ही प्योंगयांग पर सात चरणों में प्रतिबंध लगा चुका है. अब परिषद ने सभी सदस्य देशों से कहा है कि वे प्योंगयांग पर प्रतिबंधों को लागू करें.

UN-Sicherheitsrat- US-Botschafterin Nikki Haley (picture-alliance/EuropaNewswire/L. Rampelotto)

उत्तर कोरिया के हथियारों के परीक्षण को लेकर हुई यूएन सुरक्षा परिषद की आपात बैठक.

उत्तर कोरिया के दो प्रमुख सहयोगी देशों - चीन और रूस - ने भी अमेरिका द्वारा तैयार घोषणापत्र का समर्थन किया. लेकिन राजनयिक विश्लेषकों का मानना है कि सुरक्षा परिषद में वीटो अधिकार रखने वाले ये दोनों देश तुरंत कोई नया प्रतिबंध लगाने नहीं जा रहे. ये देश ऐसे लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइलों या परमाणु हथियारों को अधिक से अधिक भविष्य में कभी प्रतिबंध लगाने का संभावित कारण मान सकते हैं.

संयुक्त राष्ट्र में रूस और चीन के दूतों ने कहा है कि वे उत्तर कोरिया के खिलाफ ऐसे किसी भी एकपक्षीय प्रतिबंध का विरोध करेंगे. उन्होंने दक्षिण कोरिया में थाड जैसी अमेरिकी एंटी-मिसाइल सिस्टम की तैनाती को रोकने की मांग भी दोहरायी. चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने कहा, "सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव का एक बेहद अहम हिस्सा ये है कि हम शांतिपूर्ण और कूटनीतिक तरीकों से समस्या को सुलझाने की कोशिश करते रहें." 

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप पहले से कहते आये हैं कि वे उत्तर कोरिया को ऐसे परमाणु मिसाइल विकसित नहीं करने देंगे जो अमेरिका की मुख्यभूमि पर हमला कर सके. इस परीक्षण के बाद ट्रंप बोले कि अब विश्व को उत्तर कोरिया का "साफ और जोरदार" ताजा संदेश मिल गया है. अपने बयान में ट्रंप ने कहा, "धमकाने और अस्थिरता लाने वाली ऐसी कार्रवाई पूरे इलाके और दुनिया भर में उत्तर कोरिया को और अलग थलग ही करेगी. अब सभी विकल्प मेज पर आ चुके हैं."

आरपी/एमजे (रॉयटर्स, एएफपी)

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