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दुनिया

सुप्रीम कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी

भारतीय सुप्रीम कोर्ट को बम से उड़ा देने की धमकी मिलने के बाद चौकसी तेज कर दी गई है. ईमेल से मिली यह धमकी पिछले हफ्ते आई थी. एक महीने के लिए इंटर्न और कानून के छात्रों के प्रवेश को रोक दिया गया है.

1993 के मुंबई बम धमाकों के दोषी याकूब मेमन की फांसी बरकरार रखने वाले न्यायाधीश दीपक मिश्रा को जान से मारने की धमकी मिलने के कुछ दिन बाद शीर्ष अदालत को बम से उड़ाने की धमकी मिली है, जिसके परिणामस्वरूप इसके चारों ओर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने बताया कि उसे एक ईमेल मिला है, जिसमें उच्चतम न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है. हालांकि, सुरक्षाकर्मियों को न्यायालय में की गई सघन जांच में किसी प्रकार का बम नहीं मिला, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने न केवल उच्चतम न्यायालय के आसपास सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं, बल्कि न्यायालय परिसर में प्रवेश को लेकर सख्ती बरती जा रही है.

पुलिस सूत्रों के मुताबिक दिल्ली पुलिस को एक ईमेल मिला था, जिसमें कहा गया था कि उच्चतम न्यायालय में बम प्लांट कर दिया गया है, जो कभी भी फट सकता है. ईमेल कहां से भेजा गया है, इस बारे में साइबर सेल ने जांच शुरू कर दी है. सुरक्षा कारणों से ईमेल भेजने वाले के नाम का खुलासा भी नहीं किया गया है. पुलिस ने कहा कि ईमेल पहले एक व्यक्ति के इनबॉक्स में आया जिसने वह ईमेल पुलिस को भेज दिया. उस व्यक्ति की पहचान भी गुप्त रखी गयी है.

यह धमकी ऐसे समय में आई है जब पिछले हफ्तों में पंजाब और कश्मीर में आतंकी हमले हुए हैं और भारत-पाक सीमा पर लगातार गोलीबारी हो रही है. इस तनाव के बीच अगले हफ्ते पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सरताज अजीज भारत आ रहे हैं. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने पाकिस्तान तथा भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की नई दिल्ली में होने वाली बैठक की विषय सूची को मंजूरी दे दी है. नवाज शरीफ ने यह मंजूरी आंतरिक तथा विदेश नीति से संबंधित मंत्रियों की बैठक के बाद दी. बैठक के बाद अजीज ने कहा कि पाकिस्तान अपना एजेंडा भारत को उसकी पुष्टि के लिए भेजेगा. सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान इस बैठक में बलूचिस्तान, कराची तथा कबायली क्षेत्र की अशांति में भारत की संलिप्तता का सवाल उठाएगा.

एमजे/आईबी (वार्ता, पीटीआई)

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