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दुनिया

सुपर कंप्यूटर बना रहा है एनएसए

अमेरिका का राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी ने कंप्यूटर के जटिल से जटिल कोड का तोड़ निकालने के लिए सुपर कंप्यूटर पर काम शुरू कर दिया है. एडवर्ड स्नोडेन का एक और खुलासा.

प्रतिष्ठित अमेरिकी अखबार वॉशिंगटन पोस्ट ने गुरुवार को खबर दी कि जासूसी कांड को लेकर पूरी दुनिया में विवादों में फंसी अमेरिकी सुरक्षा एजेंसी एनएसए एक और विवादित कार्यक्रम में लगा है. अखबार का कहना है कि यह रिपोर्ट अमेरिका के पूर्व एजेंट स्नोडेन से हासिल किए दस्तावेजों के आधार पर तैयार की गई है. स्नोडेन ने रूस में शरण ली है और अमेरिकी खुफिया विभाग के राज को लगातार खोल रहे हैं.

रिपोर्ट में कहा गया है कि एनएसए "क्वांटम कंप्यूटर" पर काम कर रहा है, जिससे मुश्किल से मुश्किल इंक्रिप्टेड कोड को तोड़ा जा सकेगा. इसकी वजह से एक बार फिर निजी डाटा में ताक झांक की संभावना बढ़ेगी. एनएसए पर आरोप है कि उसने जर्मन चांसलर अंगेला मैर्केल सहित कई देशों के प्रमुखों के टेलीफोन भी रिकॉर्ड किए हैं. पोस्ट का दावा है कि यह कार्यक्रम करीब आठ करोड़ डॉलर की "हार्ड टार्गेट में सेंध" प्रोजेक्ट का हिस्सा है. दुनिया भर के कई रिसर्चर बरसों से क्वांटम कंप्यूटर पर काम कर रहे हैं और अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि क्या एनएसए इस दिशा में दूसरे एक्सपर्ट से भी मदद ले रहा है.

स्नोडेन ने पिछले साल अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी के कई दस्तावेजों का खुलासा किया था. अमेरिका ने उन पर जासूसी का इलजाम लगाया है और वह अमेरिका में वांछित हैं. उनके खुलासों के बाद पूरी दुनिया ने अमेरिकी निगरानी कार्यक्रमों पर सवाल उठाए हैं. आंतकवाद से सुरक्षा के नाम पर अमेरिका ने कई ऐसे काम किए हैं, जो कानून की नजर में ठीक नहीं हैं. इनमें आम लोगों के डाटा जमा करने का आरोप भी शामिल है.

हालांकि पिछले हफ्ते एक जज ने व्यवस्था दी कि एनएसए ने जिस तरह फोन कॉल के रिकॉर्ड जमा किए हैं, वह कानूनी है, जबकि दिसंबर में एक दूसरे जज इस पर सवाल उठा चुके हैं. समझा जाता है कि अब यह मामला अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट में जाएगा.

एजेए/एमजे (रॉयटर्स)

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