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दुनिया

सुधार की पटरी पर भारतीय रेल

भारतीय रेल मंत्री सदानंद गौड़ा ने रेल बजट में मुंबई और अहमदाबाद के बीच बुलेट ट्रेन और एफडीआई के जरिए रेल व्यवस्था में सुधार की बात कही. तकनीकी विस्तार पर भी खास ध्यान दिया जाएगा.

नरेंद्र मोदी सरकार के पहले रेल बजट को सरकार की आर्थिक प्राथमिकताओं के आईने की तरह देखा जा रहा है. बजट में 2015 तक पांच नई प्रीमियम रेलगाड़ियां, छह एसी एक्सप्रेस रेलगाड़ियां, 27 एक्सप्रेस और आठ पैसेंजर गाड़ियां चलाई जाने की बात कही गई है. लोकसभा में बजट पेश करते हुए रेल मंत्री ने कहा कि सालों के खराब प्रबंधन के बाद रेल विभाग में तुरंत सुधार की जरूरत है.

रेल विभाग में यह पहली बार है जब विदेशी निवेश की योजना है. गौड़ा के मुताबिक एफडीआई से न सिर्फ रेलवे को फायदा होगा बल्कि पब्लिक प्राइवेट भागीदारी का भी अवसर मिलेगा. निजी निवेश की हिमायत करते हुए उन्होंने कहा कि भविष्य की चुनौतियों का सामना पुराने तरीकों से नहीं किया जा सकता.

रेल मंत्री ने बजट में तकनीक के विस्तृत इस्तेमाल पर भी जोर दिया. रेलवे स्टेशनों और डिब्बों में वाईफाई की सुविधा होगी. इंटरनेट से प्लेटफार्म टिकट और अनारक्षित टिकट लेने की सुविधा भी शुरू की जाएगी. यहां तक कि विश्रामालय की भी ऑनलाइन बुकिंग की जा सकेगी.

बजट में भारतीय रेल व्यवस्था को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने की बात कही गई है. कामकाजी लोगों के लिए ट्रेन में ही वर्क स्टेशन की सुविधा होगी जिसके लिए उन्हें अलग से शुल्क देना होगा.

रेलवे स्टेशनों की सफाई का काम भी अब आउट्सोर्स किया जाएगा. गौड़ा ने कहा कि मुंबई अहमदाबाद रेलमार्ग पर बुलेट ट्रेन चलाने के लिए सभी जरूरी रिसर्च कर ली गई है. ट्रेन में महिलाओं की सुरक्षा के लिए 17000 आरपीएफ जवानों की नई भर्ती की जाएगी.

बजट पेश करने के बाद न सिर्फ संसद में हंगामा हुआ बल्कि सोशल मीडिया पर भी लोगों की प्रतिक्रिया निजीकरण के खिलाफ दिखाई दे रही है. कई लोगों का कहना है कि सरकार का पूरा ध्यान निजी संस्थानों को फायदा पहुंचाने पर है. जबकि कई लोग बजट की सराहना भी कर रहे हैं.

एसएफ/एजेए (एएफपी)

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