1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

खेल

सुआरेस की अपील पर अगले हफ्ते फैसला

लुइस सुआरेस को अगले हफ्ते पता चलेगा कि खेल अदालत सीएएस वर्ल्ड कप के एक मैच के दौरान विरोधी खिलाड़ी को दांत काटने के मामले में उनकी अपील मानेगी या नहीं.

खेल अदालत में सुनवाई की तारीख शुक्रवार को तय हुई है. सीएएस ने एक बयान में कहा है कि उसका अंतिम फैसला कुछ दिनों बाद सुनवाई पूरी होने के बाद आएगा. सुआरेस ने ब्राजील वर्ल्ड कप के मैच के दौरान जून में इटली के जॉर्जियो चिलिनी को दांत काट खाया था. यह उनका अपने पेशेवर करियर में दांत काटने का तीसरा मामला था. इसके बाद विश्व फुटबॉल संस्था फीफा ने सुआरेस पर ऊरुग्वे की ओर से 9 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने के अलावा चार महीनों के लिए फुटबॉल के किसी भी तरह के आयोजन के लिए प्रतिबंध लगा दिया.

अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध की वजह से लुइस सुआरेस 2015 में कोपा अमेरिका टूर्नामेंट में नहीं खेल पाएंगे जबकि उनपर लगा सामान्य प्रतिबंध 25 अक्टूबर तक चलेगा. इस बीच सुआरेस ने अपना क्लब बदल लिया है और वे लिवरपुल से बार्सिलोना चले गए हैं. स्पेनी फुटबॉल लीग 24 अगस्त को शुरू हो रही है, लेकिन वे अगले दो महीने तक स्पेनी लीग में कोई मैच नहीं खेल पाएंगे.

खेल की सर्वोच्च अदालत सीएएस ने कहा है कि उसने सुआरेस की अपील पर सुनवाई के लिए फीफा की सहमति से फौरी कार्रवाई शुरू की है. फीफा के प्रतिबंध के खिलाफ खेल अदालत में सुआरेस के अलावा ऊरुग्वे फुटबॉल संघ और बार्सिलोना ने अपील की है. पिछली अटकलों के विपरीत बार्सिलोना के अध्यक्ष खोजेप मारिया बार्तोमेउ ने एक इंटरव्यू में कहा है कि क्लब ने सुआरेस के साथ कॉन्ट्रैक्ट में दांत कांटने वाली कोई धारा नहीं जोड़ी है.

बार्तोमेउ ने कहा कि क्लब ने वर्ल्ड कप से पहले ही उनसे ट्रांसफर की बातचीत शुरू कर दी थी. बार्तोमेउ ने कहा कि बार्सिलोना ने वर्ल्ड कप में हुई घटना के बाद अपनी पेशकश पर फिर से विचार नहीं किया लेकिन क्लब के लिए यह महत्वपूर्ण था कि सुआरेस अपने बर्ताव के लिए माफी मांगे. उन्होंने कहा कि सुआरेस के कॉन्ट्रैक्ट में दांत काटने वाली धारा नहीं है, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि सुआरेस यदि फिर से दुर्व्यवहार करते हैं तो क्या होगा.

स्पेनी क्लब बार्सिलोना ने 2013-14 के सीजन में 53 करोड़ यूरो का रिकॉर्ड कारोबार किया है. हालांकि पिछले सीजन में क्लब ने कोई पदक नहीं जीता लेकिन कर चुकाने के बाद उसे 4.1 करोड़ का मुनाफा हुआ. पिछले सालों में हुए लगातार मुनाफों के बाद क्लब ने पिछले साल 14 करोड़ यूरो कर्ज चुकाया है और अब उसके माथे पर सिर्फ 28.7 करोड़ का कर्ज है. अब तक बार्सिलोना ने सुआरेस जैसे खिलाड़ियों की खरीद पर 12.4 करोड़ यूरो खर्च किए हैं. 3.2 अरब डॉलर के साथ बारका रियाल मैड्रिड के बाद दुनिया का दूसरा सबसे मूल्यवान क्लब है.

एमजे/आईबी (डीपीए, एसआईडी)

DW.COM

संबंधित सामग्री