सीरिया से रूसी सेना की आंशिक वापसी | दुनिया | DW | 15.03.2016
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दुनिया

सीरिया से रूसी सेना की आंशिक वापसी

रूस ने सीरिया से अपनी सेना को आंशिक रूप से हटाना शुरू कर दिया है. इसे सीरिया में गृहयुद्ध की समाप्ति के लिए जेनेवा में चल रही शांति वार्ता के लिए सकारात्मक बताया जा रहा है. सीरिया में करीब पौने तीन लाख लोग मारे गए हैं.

रूस के रक्षा मंत्री ने कहा है कि सीरिया के हमाइमिम हवाई अड्डे पर रूसी ट्रांसपोर्ट विमानों पर सैनिक उपकरण वापस भेजे जाने के लिए लादे जा रहे हैं. इससे पहले राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन ने कहा था कि कुल मिलाकर रूस का सैनिक लक्ष्य पूरा हो गया है. सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद के साथ बातचीत के बाद पुतिन ने सीरिया में तैनात रूसी सैनिकों के मुख्य हिस्से की वापसी का आदेश दिया था. मंगलवार को कुछ विमान वापस लौटे हैं.

अचानक हुए इस फैसले का संयुक्त राष्ट्र में अंगोला के राजदूत गैस्पर मार्टिन्स ने स्वागत किया है. वे इस महीने सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता कर रहे हैं, "रूसी राष्ट्रपति द्वारा आज घोषित फैसला सकारात्मक कदम है." लेकिन इस फैसले के बावजूद जेनेवा में सोमवार को शुरू हुई शांति वार्ता की कामयाबी की उम्मीदें कम दिख रही हैं, जहां दोनों पक्ष राष्ट्रपति असद के भविष्य को लेकर गंभीर विवाद में फंसे हैं. इस विवाद ने सीरिया और इराक में कट्टरपंथी आईएस के प्रसार का मौका दिया है, जिसके लिए कई देशों के लड़ाके लड़ रहे हैं.

वार्ता के दूसरे दिन संयुक्त राष्ट्र के सीरिया दूत स्टेफान डे मिस्तूरा सीरियाई विपक्ष की उच्चस्तरीय वार्ता समिति के सदस्यों के साथ बातचीत कर रहे हैं. सीरियाई विपक्ष के प्रतिनिधियों ने लगातार कहा है कि असद सीरिया के भविष्य का हिस्सा नहीं हो सकते. दूसरी ओर रूसी सैनिकों की वापसी से असद पर जेनेवा वार्ता में विपक्ष के साथ बातचीत करने का दबाव बढ़ेगा. रूस ने असद सरकार के समर्थन के लिए पिछले सितंबर में आईएस और अन्य आतंकी संगठनों के खिलाफ बमबारी शुरू की थी. विपक्ष पर हमले के लिए पश्चिमी देशों ने रूस की निंदा की थी.

जर्मनी भी सीरिया से रूसी सैनिकों की वापसी में शांति स्थापना की अच्छी संभावना देखता है. जर्मनी के विदेश मंत्री फ्रांक वाल्टर श्टाइनमायर ने कहा है, "यदि रूसी सैनिकों की वापसी की घोषणा पर अमल होता है, तो यह राष्ट्रपति असद पर सीरियाई राज्य की स्थिरता और आबादी के हर हिस्से के हित को बनाए रखने के लिए जेनेवा में गंभीर तरीके से बातचीत करने का दबाव बढ़ा देगा."

संयुक्त राष्ट्र में रूस के राजदूत विताली चुरकिन ने कहा है कि रूसी फैसले से सीरिया विवाद के कूटनीतिक समाधान की संभावना बढ़ेगी. व्हाइट हाउस के अनुसारअमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने रूस की घोषणा के बाद राष्ट्रपति पुतिन से बातचीत की है और लड़ाई को रोकने के अगले कदमों पर चर्चा की.

राष्ट्रपति असद को हटाने के लिए लोकतांत्रिक तरीके से शुरू हुआ विद्रोह अब छठे साल में प्रवेश कर गया है और पिछले सालों में वहां 270,000 लोग मारे गए हैं और लाखों विस्थापित हो गए हैं. पिछले साल लाखों लोगों के यूरोप आने के बाद यूरोपीय संघ में शरणार्थी संकट शुरू हो गया है जिसका समाधान करने में यूरोपीय देश अभी तक कामयाब नहीं हो पाए हैं.

एमजे/आईबी (एएफपी)

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