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दुनिया

सीरिया में सक्रिय होगा भारत

भारत ने सीरिया में रासायनिक हथियारों को खत्म करने के लिए 10 लाख डॉलर देने का ऐलान किया है. भारत सीरिया में शांति लाने के लिए जिनेवा में दूसरे दौर की वार्ताओं का भी हिस्सा बनना चाहता है.

हेग में स्थित रासायनिक हथियार निरोधक संस्था ओपीसीडब्ल्यू सीरिया में हथियारों को खत्म करने का काम कर रही है. भारत ने इस संगठन को 10 लाख डॉलर देने का वादा किया है और कहा है कि वह इस काम के लिए भारत से विशेषज्ञ भी सीरिया भेजेगा. सीरिया में अंतरराष्ट्रीय समुदाय के प्रतिनिधि रासायनिक हथियारों का भंडार और उनसे संबंधित सुविधाओं को खत्म करेंगे.

भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक बयान में बताया, "ओपीसीडब्ल्यू की सहायता करके भारत दिखाना चाहता है कि वह विश्व भर में रासायनिक हथियारों को खत्म करने को लेकर प्रतिबद्ध है." सीरिया की सरकार वहां मौजूद रासायनिक हथियारों को खत्म करेगी और रासायनिक हथियार संधि में भी शामिल होगी.

विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि ओपीसीडब्ल्यू और संयुक्त राष्ट्र की इस साझा कोशिश के लिए भारत अपने विशेषज्ञ भेज रहा है.

यह विशेषज्ञ हथियार को नष्ट करने के साथ साथ वहां के कर्मचारियों की इस मामले में ट्रेनिंग पर भी निगरानी रखेंगे. मंत्रालय ने बताया कि भारत रासायनिक हथियार संधि के शुरुआती सदस्यों में है जिसकी वजह से वह इस मुहिम में अंतरराष्ट्रीय समुदाय का साथ दे रहा है. भारत सीरिया में स्थिरता लाने के उद्देश्य से जिनेवा में होने वाले दूसरे दौर की वार्ताओं में भी शामिल होना चाहता है. विकासशील देशों के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि भारत अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अपनी पैठ बढ़ाना चाहता है.

एमजी/एनआर(पीटीआई)

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