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दुनिया

सीरिया में विदेशी लड़ाके

सीरिया में विदेशी लड़ाकों के संघर्ष में शामिल होने से स्थिति और भी खराब होती जा रही है. सीरियाई सेना का आबादी वाले हिस्सों में मिसाइल हमला जारी है.

नाटो प्रमुख आंदर्स फो रासमुसेन ने सीरिया में चल रही हिंसा में स्कड मिसाइल के इस्तेमाल की कड़ी निंदा की, "यह घटना सत्ता की छटपटाहट दिखाती है, जो गिरने के नजदीक है." पिछले हफ्ते ही नाटो ने दावा किया था कि सीरिया की सेना छोटी दूरी वाली स्कड मिसाइलों से हमला कर रही है. इसके बाद ऐसी ही घटना दोबारा हुई बताई जाती है. स्कड रूस में बनी मिसाइलें हैं.

हिंसा में विदेशी भी

संयुक्त राज्य ने इस बात की चिंता जताई है कि सीरिया में हो रही हिंसा में सिर्फ वहां के स्थानीय लोग नहीं, विदेशी भी शामिल हैं. एक ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि राष्ट्रपति बशर अल असद और विरोधियों के बीच की लड़ाई बाहरी लड़ाकों के आने से सांप्रदायिक संघर्ष बनता जा रहा है.

अब तक खुद को सरकार और विरोधियों की लड़ाई से दूर रख रहे अल्पसंख्यक अपनी रक्षा के लिए हथियार रख रहे हैं. तुर्क समुदाय के एक सदस्य ने बताया, "आपको पता हो कि आपका पड़ोसी हर समय हथियारों से लैस है और वह आपको विरोधी मानता है. ऐसे में खुद बिना हथियारों के रहना कहां की समझदारी है."

सीरिया पर संयुक्त राष्ट्र की जांच कमीशन के अध्यक्ष पाउलो पिनयेरियो ने कहा, "लगभग 21 महीनों से चल रही हिंसा में सेना की जीत की कोई उम्मीद नहीं दिखती." हालांकि विवाद मोटे तौर पर शिया बहुल सीरिया की सेना और सुन्नी विरोधियों के बीच है. पर अब यूरोप और अमेरिका से भी विरोधियों की मदद के लिए लड़ाके आने लगे हैं. जांचकर्ताओं ने पाया कि करीब 29 अलग अलग प्रांतों से आए लोग संघर्ष में शामिल हो रहे हैं.

पुतिन की सफाई

सीरिया में पिछले लगभग 21 महीनों से चल रही हिंसा पर रूस के राष्ट्रपति व्लीदिमीर पुतिन ने चुप्पी तोड़ी. पुतिन ने इस बात को नकारा कि असद सरकार को रूस का सहयोग जारी है, "अब सिर्फ एक ही बात जरूरी है कि जितनी जल्दी हो सके हिंसा का अंत हो." राष्ट्र को संबोधित करते हुए पुतिन ने कहा, "हमारा काम है किसी भी तरह उस तरीके को निकालना, जिससे सीरिया में चल रही हिंसा को रोका जा सके और देश को टूटने से बचाया जा सके. अब किसी भी हाल में असद के शासन को सत्ता में बनाए नहीं रखा जा सकता."

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार अब तक इस हिंसा में 20,000 लोग मारे जा चुके हैं. हालांकि सीरियाई मानवाधिकार पर लंदन में बनी ऑब्जर्वेटरी इस संख्या को 44,000 से ज्यादा मानती है.

एसएफ/एजेए (रॉयटर्स, एपी, डीपीए)

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