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दुनिया

'सीरिया में रासायनिक हथियार चले'

सीरिया के गृहयुद्ध में रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल की आशंका तो पहले से ही थी, अब एक इस्राएली मंत्री ने खुले आम इसका आरोप लगाया है और कहा है कि हमें इससे निबटना होगा. यह साफ नहीं हो रहा है कि ऐसे हथियार किसके पास हैं.

इस्राएल के खुफिया मंत्री युवाल श्टाइनित्स ने कहा है कि या तो सीरिया के विद्रोहियों ने या दमिश्क सरकार ने दो साल से चल रहे गृह युद्ध के दौरान रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल किया है. उन्होंने इस्राएली सेना के रेडियो में कहा, "यह साफ है कि विद्रोहियों या सरकार द्वारा नागरिकों पर रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल हुआ है. यह हमारे लिए बहुत चिंता की बात है और हमें इससे जल्दी निबटना चाहिए."

मार्च 2011 में राष्ट्रपति बशर अल असद के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन के साथ सीरिया में विद्रोह की शुरुआत हुई थी जिसने इस बीच हथियारबंद विद्रोह की शक्ल ले ली है. संघर्ष के दौरान पहली बार विद्रोहियों और सरकार ने एक दूसरे पर रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल का आरोप लगाया है.

सीरिया की सरकारी मीडिया ने आरोप लगाया था कि "आतंकवादियों ने अलेप्पो के खान अल असल में रासायनिक तत्वों से लैस रॉकेट दागा." सूचना मंत्री ओमरान अल जोहबी ने हमले को खतरनाक तेजी बताया. उप विदेश मंत्री फैजल मुकदाद ने कहा कि हमले में 31 लोग मारे गए जबकि सरकारी मीडिया ने 100 लोगों के घायल होने की बात कही है. विद्रोहियों ने असद सरकार के आरोपों का खंडन किया है और अपनी ओर से सरकारी सेना पर लंबी दूरी का रॉकेट हमला करने का आरोप लगाया है जिसकी वजह से लोगों को सांस लेने में मुश्किल हुई.

Aleppo Anschlag chemische Waffen

रासायनिक हथियारों का शिकार हुई एक महिला

राष्ट्रपति असद का साथ दे रहे रूस और ईरान ने कहा है कि उन्हें इस तरह की सूचनाएं मिली हैं जो साबित करती हैं कि विद्रोहियों ने उत्तरी प्रांत अलेप्पो पर हुए एक हमले में रासायनिक एजेंटों का इस्तेमाल किया. रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि उसे दमिश्क से सूचना मिली है कि विद्रोहियों ने रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल किया है. रूस ने ऐसे हथियारों के विद्रोहियों के हाथों में जाने से सीरिया में स्थिति और जटिल हो गई है.

विद्रोहियों का समर्थन कर रहे पश्चिमी और अरब देशों में शामिल अमेरिका ने आरोपों को आधारहीन बताया है और सीरिया की सरकार को रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल करने के खिलाफ चेतावनी दी है.   वाशिंगटन में व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जे कार्नी ने कहा कि अमेरिका के पास ऐसा "कोई सबूत नहीं है जो विपक्ष द्वारा रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल की पुष्टि करे." विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता विक्टोरिया नूलैंड ने कहा कि मॉस्को में अमेरिकी राजदूत रूसी अधिकारियों से ज्यादा जानकारी लेंगे.  

इस बीच अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल पर सीरिया सरकार और विद्रोहियों के दावे की जांच करने की कोशिश कर रहे हैं. नाटो के सुप्रीम कमांडर  एडमिरल जेम्स स्टावरिडिस ने बिगड़ती हालत पर चिंता जताते हुए कहा है कि नाटो के देश सीरिया में सैनिक कार्रवाई की संभावना पर विचार कर रहे हैं. उन्होंने कहा है कि कोई कार्रवाई सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव और नाटो के 28 सदस्य देशों की सहमति के बाद ही होगी.

अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने बार बार यह आशंका जताई है कि असद सरकार विद्रोहियों के खिलाफ रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल कर सकती है या वे कट्टरपंथियों के हाथों पर सकते हैं. सीरिया में दो साल से चल रही लड़ाई में करीब 70,000 लोग मारे गए हैं, जबकि लाखों लोग विस्थापित हो गए हैं.

एमजे/ओएसजे (एएफपी)

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