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दुनिया

सीरिया में युद्ध अपराध के सबूत

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार मामलों की प्रमुख ने कहा है कि सीरिया में जांच समिति को सैन्य अधिकारियों के युद्ध अपराध में शामिल होने के सुबूत मिले हैं. राष्ट्रपति बशर अल असद पर भी ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं.

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार मामलों की प्रमुख नवी पिल्लै ने बताया कि सीरिया में हुई जांच में मिले सबूतों के मुताबिक वहां युद्ध अपराध उच्चतम स्तर पर नियोजित ढंग से किए गए. उनके इस बयान में राष्ट्रपति असद का भी नाम है. पिल्लै ने कहा, "सबूत सरकार में उच्चतम स्तर की जिम्मेदारी की ओर इशारा करते हैं, जिनमें राष्ट्राध्यक्ष भी शामिल हैं."

यह पहला मौका है जब संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार आयुक्त कार्यालय की ओर से पहली बार सीधे तौर पर राष्ट्रपति असद का नाम लिया गया है.

जनवरी में जिनेवा में होने वाली शांति वार्ता से पहले आए इस दावे से सीरिया में शांति के लिए जल्द कदम उठाए जाने का दबाव बढ़ गया है. पिल्लै ने बताया कि उन लोगों की सूची बनाई गई है जिन्हें जांच में दोषी पाया गया. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ये नाम तब तक गुप्त रखे जाएंगे जब तक ये नाम विश्वस्नीय जांच के लिए नहीं मांगे जाते. साथ ही पिल्लै ने बताया, "यह राष्ट्रीय जांच भी हो सकती है और अंतरराष्ट्रीय भी."

Navi Pillay

नवी पिल्लै ने कहा सीरिया में हुई जांच में मिले सबूतों के मुताबिक वहां युद्ध अपराध उच्चतम स्तर पर किए गए

देश में पहुंच मुश्किल होने के कारण जांच के लिए आस पास के लोगों से बात की गई. इसके अलावा सीरिया में लोगों से फोन और स्काइप पर बात कर रिपोर्ट तैयार की गई है. जांच समिति द्वारा तैयार रिपोर्ट में कहा गया है कि सीरिया में सरकारी सेना ने व्यवस्थागत तरीके से हत्या, यातना, बलात्कार जैसे मानवता के खिलाफ अपराधों को अंजाम दिया है. उन्होंने माना कि विद्रोहियों ने भी मानवाधिकारों का उल्लंघन किया है लेकिन सेना से कम. पिल्लै ने कहा, "दोनों पक्षों की ओर से जिस पैमाने पर ये अपराध हुए हैं वो अविश्वसनीय है."

जुल्म की हद

पिल्लै ने एक बार फिर दोहराया कि यह मामला द हेग की अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय को सौंप दिया जाना चाहिए. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जांच में मिले सबूत इशारा करते हैं कि सारिया में गंभीर अपराध, युद्ध अपराध और मानवता के विरुद्ध अपराध हुए हैं. सीरिया के विदेश उप मंत्री फैसल मकदाद ने पिल्लै के बयान को खारिज किया है.

Anschlag auf Bushaltestelle in Damaskus, Syrien

पिछले ढाई सालों में सीरिया में एक लाख से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं.

हाल में सारिया में रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल की रिपोर्टों के बाद अमेरिका और रूस के बीच हुए समझौते के तहत अमेरिका ने दमिश्क पर हमले का इरादा बदल दिया. समझौते के तहत सीरिया को 2014 तक रासायनिक हथियार नष्ट करने होंगे. पिल्लै ने चेतावनी दी कि सीरिया के रासायनिक हथियार खत्म होना इस बात को खारिज नहीं करता कि संघर्ष के दौरान पारंपरिक हथियारों से ज्यादातर जानें ली गई हैं. उन्होंने कहा, "मुझे इसी बात की फिक्र है कि रासायनिक हथियारों की जांच, जो कि बहुत जरूरी है, उसका इस्तेमाल इस तथ्य से ध्यान भटकाने के लिए नहीं होना चाहिए कि एक लाख से ज्यादा लोग पारंपरिक हथियारों से मारे गए हैं.

सीरिया में मार्च 2011 में राष्ट्रपति असद के खिलाफ कुछ शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों के बाद गृह युद्ध भड़का. सीरिया में मानव अधिकारों पर काम करने वाली एक ब्रिटिश संस्था की रिपोर्ट के मुताबिक संघर्ष में करीब 1,26,000 लोग मारे जा चुके हैं. सीरिया के कई वकीलों, डॉक्टरों और अन्य कार्यकर्ताओं के संपर्क में रहने वाली इस संस्था के अनुसार सरकार ने 16,000 लोगों को कैद कर रखा है. बंदियों से कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है. जुलाई में जारी किए गए संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार तब तक सीरिया में एक लाख मारे जा चुके थे. अब आई ब्रिटिश संस्था की रिपोर्ट को देखें तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि जुलाई से अब तक देश में 26,000 और जानें गई हैं.

एसएफ/ओएसजे (एपी,एएफपी, डीपीए)

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