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दुनिया

सीरिया पर अमेरिकी हवाई हमलों पर बंटे कई देश

अमेरिका के सहयोगी देश जहां सीरिया पर उसके हवाई हमलों का समर्थन कर रहे हैं, वहीं सीरिया ने इसे "आक्रामक कार्रवाई" बताया. सीरिया के सहयोगी ईरान और रूस ने भी की अमेरिकी मिसाइल हमले की निंदा.

अमेरिकी सेना ने शुक्रवार सुबह एक सीरियाई एयरबेस पर क्रूज मिसाइलों की बौछार कर दी. अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि अमेरिकी नेवी शिप से 59 टॉमहॉक क्रूज मिसाइलें सीरिया में उस निशाने पर दागी गईं, जहां से मंगलवार का घातक गैस हमला किया गया था.

हाल ही में सीरिया में हुए कथित रासायनिक हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने मिसाइल हमले का आदेश दिया. असद शासन को "बर्बर" गैस हमले के लिए जिम्मेदार मानते हुए ट्रंप ने अमेरिका की ओर से पहली बार सीरिया में सीधी कार्रवाई की है. व्हाइट हाउस में आने के बाद से यह ट्रंप का पहला सबसे बड़ा सैन्य कार्रवाई का फैसला है. बीते छह सालों से सीरिया में जारी गृहयुद्ध में यह अमेरिका पहली बार सीधे तौर पर कूदा है.

एक दिन पहले ही राष्ट्रपति ट्रंप ने सीरिया के इदलिब प्रांत में हुए कथित रासायनिक हमले में मारे गए कई बच्चों समेत 80 से अधिक लोगों के प्रति गहरा दुख व्यक्त किया था. हमले में सरिन नाम की जहरीली गैस का इस्तेमाल होने की आशंका है.

 

इस्राएल के प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू ने ट्वीट किया, "अपनी कथनी और करनी दोनों से, (ट्रंप) ने आज एक साफ और कड़ा संदेश दे दिया है कि रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल और प्रसार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. राष्ट्रपति ट्रंप के इस फैसले का इस्राएल ने पूरा समर्थन करता है." उन्होंने कहा कि इस्राएल को उम्मीद है कि असद शासन की इस खौफनाक कार्रवाई का असर केवल दमिश्क ही नहीं बल्कि तेहरान, प्योंगयांग और बाकी जगहों पर भी दिखेगा.

तुर्की के उप प्रधानमंत्री नुमान कुर्तुलमस ने भी अमेरिकी हवाई हमलों का स्वागत करते हुए कहा कि असद शासन को सजा मिलनी ही चाहिए. तुर्की की सरकारी समाचार एजेंसी अनादोलू ने कुर्तुलमस के हवाले से लिखा है, "मुझे उम्मीद है कि अमेरिका की इस कार्रवाई से शांति स्थापना की कोशिशों में मदद मिलेगी." सऊदी अरब ने भी अमेरिकी कार्रवाई की प्रशंसा की है.

वहीं असद समर्थक रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इन हवाई हमलों को "एक स्वायत्त देश के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई" बताया. राष्ट्रपति के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने रूसी न्यूज एजेंसी टास के बताया कि कि इन हमलों से "अंतरराष्ट्रीय कानून के नियमों का उल्लंघन हुआ है."

सीरिया शासन के दूसरे अहम सहयोगी देश ईरान ने भी कड़े शब्दों में अमेरिकी हमले की निंदा की है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बहराम गासेमी ने कहा, कि तेहरान ऐसी "एकतरफा प्रतिक्रियाओं" के "खतरनाक, नुकसानदायक और अंतरराष्ट्रीय नियम कानूनों के खिलाफ" मानता है.

आरपी/ओएसजे (डीपीए)

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