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दुनिया

सीरियाई जिहादियों पर अमेरिकी हमला

अमेरिका और उसके सहयोगी अरब देशों ने सीरिया में इस्लामिक स्टेट के ठिकानों पर हवाई हमले किए. एक निगरानी ग्रुप का कहना है कि इसमें कई लोग मारे गए हैं. दमिश्क को हमलों के बारे में मालूम था.

सीरिया में मानवाधिकारों पर नजर रखने वाले एक ग्रुप का कहना है कि इस्लामिक स्टेट के आतंकियों को इस हमले में जानमाल का भारी नुकसान हुआ है. अमेरिका के साथ पांच अरब देशों ने मिल कर यह हमला किया है. ग्रुप ने बताया, "अमेरिकी हवाई जहाजों ने मुख्यालयों, चेक प्वाइंटस और इस्लामिक स्टेट के अल राका में ठिकाने पर करीब 20 हवाई हमले किए. साथ ही शहर के पूर्वी और पश्चिमी बाहरी हिस्सों पर भी हमले किए गए." ग्रुप ने बताया कि हमलों और भारी नुकसान की "जानकारी पुष्ट" हो चुकी है. इसके अलावा ताबका, आइन इस्सा, तेल अबायाद, तुर्की सीमा पर भी हमले किए गए. यह जानकारी ऑब्जरवेटरी के प्रमुख रामी अब्दुर्रहमान ने दी. ग्रुप को सूचना देश के व्यापक नेटवर्क से मिलती है. स्वतंत्र तौर पर रिपोर्टों की पुष्टि नहीं की जा सकी है.

दमिश्क को सूचना

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इन हमलों का आदेश दिया था. इससे आईएस के खिलाफ एक और फ्रंट खुल गया है. फ्रांस के साथ मिलकर इराक में आईएस के ठिकानों पर हमले अमेरिका आठ अगस्त से कर रहा है.

अमेरिकी मीडिया ने सीरिया में आईएस पर हमले में बहरीन, कतर, सऊदी अरब, जॉर्डन और संयुक्त अरब अमीरात के होने की रिपोर्ट दी है. अमेरिका आईएस से लड़ने के लिए अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बनाना चाहता है जिसमें उसे कई यूरोपीय देशों सहित कनाडा और ऑस्ट्रेलिया से तो सहयोग मिला ही है, अरब देशों ने भी इस मुद्दे पर उससे हाथ मिला लिया है.

सीरिया के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को जारी बयान में कहा, "अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र के लिए सीरिया के स्थायी प्रतिनिधिमंडल को सूचना दे दी थी कि राका में दाएश आतंकी संगठन पर हमले किए जाएंगे." आईएस को अरबी में दाएश कहा जाता है और उसने राका को सीरिया की राजधानी घोषित कर दिया है.

वॉशिंगटन ने सीरिया के साथ मिल कर उग्रवादियों पर हमला करने से इनकार कर दिया है. कुछ अधिकारियों ने सीरियाई जमीन पर आईएस के खिलाफ हमलों पर चिंता जताई है. हालांकि इससे राष्ट्रपति बशर अल असद को इससे मदद ही मिलेगी क्योंकि कुछ जिहादी उनके खिलाफ भी लड़ रहे हैं.

अमेरिकी कांग्रेस ने पिछले हफ्ते एक प्रस्ताव पारित किया था जिसमें उन्होंने उदारवादी सीरियाई विद्रोहियों को हथियार देने और प्रशिक्षण देने का फैसला किया.

क्षेत्रीय खतरा

सीरिया और इराक में आईएस ने कई शहरों पर कब्जा कर लिया है और इस दौरान कई लोगों की हत्या कर दी. हजारों लोग इनके डर से अपना घर बार छोड़ चुके हैं. ब्रिटिश सहायताकर्मी और दो अमेरिकी पत्रकारों का इन्होंने सिर कलम कर दिया. मंगलवार को अमेरिकी हमले ऐसे समय शुरू हुए जब कुछ ही घंटे पहले अल्जीरिया में आईएस से जुड़े एक गुट ने धमकी की दी अगर फ्रांस इराक में हवाई हमले बंद नहीं करता तो वह फ्रांसीसी व्यक्ति को मार देंगे. इसके अलावा आईएस की एक वेबसाईट पर भी अपील की गई कि जो भी देश आईएस पर हमला करने वाले अंतरराष्ट्रीय गठबंधन में शामिल हुए हैं उनके नागरिकों को मार दिया जाएगा.

एएम/आईबी (एएफपी, रॉयटर्स, एपी)

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