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जर्मन चुनाव

सीबीआई कोर्ट में तलवार की याचिका खारिज

आरुषि-हेमराज हत्याकांड की जांच में सीबीआई के शक के दायरे में आए राजेश तलवार की याचिका गाजियाबाद की सीबीआई कोर्ट ने खारिज कर दी है. राजेश तलवार ने कोर्ट से सीबीआई की जांच के और दस्तावेजों की मांग की थी.

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भारत की प्रमुख जांच एजेंसी ने आरुषि की हत्या के मामले में अपनी जांच बंद करते वक्त जो रिपोर्ट सौंपी थी, उसी से जुड़े दस्तावेजों की मांग की थी राजेश तलवार ने. सीबीआई की विशेष अदालत ने कहा कि राजेश तलवार को सीबीआई की जांच बंद करते वक्त सौंपी गई रिपोर्ट की कॉपी पहले ही दी जा चुकी है. सीबीआई ने जांच बंद करते हुए कहा कि आरुषि के पिता राजेश तलवार इस मामले में संदिग्ध हैं लेकिन उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला है. सीबीआई अदालत इस मामले में 25 जनवरी को अगली सुनवाई करेगी.

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है, "सीआरपीसी की धारा 207 के तहत आरोपी को वो सारे दस्तावेज दिए जाते हैं जिनके आधार पर जांच एजेंसी ने उसके खिलाफ चार्जशीट दायर की है. ये इसलिए किया जाता है जिससे कि वो अपने बचाव के लिए दलील पेश कर सके. आरुषि मामले में सीबीआई ने जांच बंद करने की रिपोर्ट पेश की है. ऐसी स्थिति में याचिकाकर्ता को कोर्ट के नजरिए से आरोपी नहीं माना जा सकता. उसे दस्तावेज देने की इजाजत नहीं दी जा सकती." कोर्ट ने ये भी कहा कि जब तक जांच बंद करने के बारे में आखिरी फैसला नहीं आ जाता, इसकी कॉपी किसी याचिकाकर्ता को नहीं दी जा सकती. इसके साथ ही सीबीआई कोर्ट ने राजेश तलवार की याचिका खारिज कर दी.

14 साल की आरुषि की 16 मई 2008 की रात उसी के कमरे में हत्या कर दी गई. इस मामले में जिस नौकर हेमराज पर शक जताया गया, उसका शव भी इमारत की छत पर पड़ा मिला. लंबी जांच के बाद सीबीआई ने इस मामले में 29 दिसंबर को रिपोर्ट दाखिल की और कहा कि आरोपी बनाए गए तीनों नौकरों राजकुमार, कृष्णा और विजय मंडल की इसमें कोई भूमिका नहीं है. शक की सुई आरुषि के पिता राजेश तलवार की ओर घूम रही है. सीबीआई ने ये भी कहा कि उसे कोई सबूत नहीं मिला है और इसलिए वह राजेश तलवार के खिलाफ कोई आरोपपत्र दाखिल नहीं कर रही है.

रिपोर्टः एजेंसियां/ एन रंजन

संपादनः एमजी

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