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दुनिया

सीएसयू चाहती है तुर्की की ईयू सदस्यता वार्ता पर रोक

क्रिश्चियन सोशल यूनियन के नेता योआखिम हैरमन ने कहा है कि सदस्यता की संभावना में दी जा रही अरबों यूरो की मदद तुरंत रोकी जाए. डॉयचे वेले के साथ इंटरव्यू में उन्होंने शरणार्थियों की ऊपरी सीमा तय करने की मांग पर भी जोर दिया

योआखिम हैरमन जर्मनी के दक्षिणी प्रांत बवेरिया के गृह मंत्री हैं और सीएसयू उनके नेतृत्व में संसदीय चुनाव लड़ रही है. हैरमन तुर्की के साथ हाल में पैदा हुए तनाव के बाद राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोवान के प्रति स्पष्ट जर्मन नीति के पक्षधर हैं. डॉयचे वेले की मुख्य संपादक इनेस पोल और मॉडरेटर जाफर अब्दुल करीम के साथ इंटरव्यू में 60 वर्षीय वकील ने कहा, "सीएसयू के हम लोगों ने तुर्की के साथ सदस्यता वार्ता में कभी कोई तुक नहीं देखा. हम इस बात का जोरदार समर्थन करते हैं अब उसे रोक दिया जाए."

योआखिम हैरमन का कहना है कि जर्मन सरकार को यूरोपीय संघ के साथ इस बात की कोशिश करनी चाहिए कि अंकारा को दी जाने वाली वित्तीय सहायता रोक दी जाए. "तुर्की सरकार के मौजूदा व्यवहार के मद्देनजर अब कोई जरूरत नहीं कि ईयू साल दर साल भावी सदस्यता के मद्देनजर तुर्की सरकार को अरबों यूरो की मदद भेजे. ये सब अब रोका जाना चाहिए." हैरमन का मानना है कि तुर्की के साथ संपर्कों को बनाये रखा जाना चाहिए क्योंकि कभी न कभी एर्दोवान के बाद का समय आएगा.

खुली सीमाएं

इस इंटरव्यू में भी योआखिम हैरमन ने साल में अधिकतम 200,000 लाख शरणार्थियों की सीमा तय करने की मांग की. शरणार्थी संकट की पराकाष्ठा पर जर्मनी में 2015 में करीब 9 लाख शरणार्थी आये थे. बवेरिया के गृह मंत्री ने कहा कि 2015 में जर्मन चांसलर की खुली सीमाओं की नीति पर उन्हें खुशी नहीं हुई थी लेकिन बाद के महीनों में बवेरिया ने शरणार्थियों को लेने और समाज में उनके घुलने मिलने में बड़ी भूमिका निभाई.

योआखिम हैरमन ने बहुत से शऱणार्थियों के लिए परिवार मिलन के प्रावधान को रोकने के फैसले का बचाव किया. उन्होंने कहा, "ऐसा समय हुआ करता था जब लोग पहले अपने परिवार को सुरक्षा में लाने की कोशिश करते थे, फिर अपनी सुरक्षा के बारे में सोचते थे. अब ये हो रहा है कि युवा लोग पहले खुद को सुरक्षित जगहों पर ले जाते हैं और फिर देखते हैं कि बीबी और बच्चों को कैसे लाया जाए. ऐसे में सवाल उठता है कि मुख्य रूप से कौन खतरे में हैं." पिछले साल से शरणार्थियों के परिवार वालों के जर्मनी आने को रोक दिया गया है और हैरमन इस नियम को आगे बढ़ाने के हिमायती हैं.

एएफडी से दूरी

योआखिम हैरमन ने धुर दक्षिणपंथी अल्टरनेटिव फॉर डॉयचलैंड से दूरी बनाते हुए कहा, "एएफडी के नस्लवाद से हमारा कोई लेना देना नहीं है. आंतरिक सुरक्षा के मामले में एएफडी का जीरो  है. वह बहुत तरह की नारेबाजी करती है लेकिन मेरे लिए वह कोई पैमाना नहीं है." ताजा सर्वेक्षणों के अनुसार दक्षिणपंथी पॉपुलिस्ट पार्टी को संसदीय चुावों में 10 प्रतिशत वोट मिलने की बात कही जा रही है.
योआखिम हैरमन के अगले चुनावों के बाद देश का गृह मंत्री बनने की संभावना है. चुनाव से पहले चल रही अटकलों में उनका नाम गठबंधन वार्ता के प्रमुख किरदारों और गृह मंत्री के लिए चल रहे नामों में है. इसके बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "मैं पदों के बारे में अटकलों में नहीं पड़ता." उनके बारे में कहा जाता है कि चांसलर मैर्केल के साथ उनके रिश्ते रिजर्व्ड हैं, लेकिन इंटरव्यू के अंत में यह पूछे जाने पर किस प्रमुख राजनेता को वे अपने साथ सुनसान द्वीप पर ले जाने चाहेंगे, हैरमन ने मैर्केल का नाम लिया और सहोदर पार्टी की प्रमुख को होशियार महिला बताया.

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