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दुनिया

सिर्फ 14% चाहते हैं राहुल पीएम बनें

कांग्रेस नेता राहुल गांधी भारत में सिर्फ 14 फीसदी लोगों की प्रधानमंत्री के रूप में पसंद हैं. राहुल के पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बनने की अटकलों के बीच एक सर्वे में यह बात सामने आई है.

दैनिक टाइम्स ऑफ इंडिया के सर्वे में 58 फीसदी लोगों ने प्रधानमंत्री पद के लिए बीजेपी के नरेंद्र मोदी का समर्थन किया जबकि 25 फीसदी लोगों ने भ्रष्टाचार के विरोध में लड़ने वाले अरविंद केजरीवाल का समर्थन किया है. सर्वे के नतीजे कांग्रेस के लिए बहुत बुरे दिखते हैं क्योंकि पार्टी राहुल गांधी के जरिए युवा मतदाताओं का समर्थन जीतने की उम्मीद कर रही है. इस महीने 81 वर्षीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने साफ कर दिया है कि वे एक बार और प्रधानमंत्री नहीं बनेंगे.

इस महीने 17 तारीख को होने वाले पार्टी सम्मेलन में राहुल गांधी को उम्मीदवार मनोनीत किए जाने की संभावना है. मनमोहन सिंह ने अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी को विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र का नेतृत्व करने में सक्षम बताया था. लेकिन भारत के आठ महानगरों में कराए गए सर्वे ने 43 वर्षीय गांधी के आर्थिक मंदी और सरकारी भ्रष्टाचार के मामलों से तंग आए मतदाताओं के साथ संपर्क स्थापित करने में विफलता को सामने ला दिया है.

सर्वे के नतीजे गुरुवार को जारी किए गए. इसमें भागीदारों से यह नहीं पूछा गया कि वे संसदीय चुनाव होने पर किस पार्टी को वोट देंगे. लेकिन सर्वे में 81 फीसदी लोगों ने कहा है कि वे चाहते हैं कि अरविंद केजरीवाल की भ्रष्टाचार विरोधी आम आदमी पार्टी देश की सभी सीटों पर चुनाव लड़े. आम आदमी पार्टी ने पिछले साल दिल्ली में हुए चुनावों में हिस्सा लिया और जीत हासिल की. दिल्ली की त्रिशंकु विधानसभा में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनी और कांग्रेस सिर्फ आठ सीट जीत पाई. बीजेपी के इनकार के बाद अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली है.

केजरीवाल की पार्टी के वरिष्ठ नेता आम चुनावों में अधिक से अधिक सीटें लड़ने की बात कहते रहे हैं, लेकिन पार्टी सिर्फ एक साल पुरानी है और उसके सामने कार्यकर्ताओं के अलावा उम्मीदवारों और संसाधानों की भारी कमी है. उधर देश भर के पेशेवर भारी तादाद में आम आदमी पार्टी में शामिल हो रहे हैं. रिपोर्ट है कि कांग्रेस ने भी चुनाव से पहले स्वच्छ छवि वाले पेशेवरों को लुभाने के सिलसिले में इंफोसिस के प्रमुख रहे नंदन निलेकणी को उम्मीदवार बनाने का फैसला किया है.

इस साल होने वाले आम चुनावों में किसी पार्टी के स्पष्ट बहुमत जीतने की कोई संभावना नहीं है. क्षेत्रीय सहित हर पार्टी गठबंधन में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतने की कोशिश में लगी है. पिछले दिनों हुए सर्वेक्षणों के अनुसार विपक्षी बीजेपी के अधिकांश सीटें जीतने की संभावना है. पिछले दिनों हुए प्रांतीय चुनावों में उसने भारी जीत हासिल की. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में सरकार बचाने के अलावा उसने राजस्थान की सरकार कांग्रेस से छीन ली. दिल्ली में भी वह सबसे बड़ी पार्टी है.

एमजे/एजेए (एएफपी)

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