1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

जर्मन चुनाव

सिरदर्द हैं चीन और पाकिस्तान: भारतीय सेना

भारत की सुरक्षा के लिए पाकिस्तान और चीन सबसे बड़ी सिरदर्दी बन गए हैं. यह मानना है भारत के सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह का. उन्होंने अपनी इस सोच के पीछे कई वजहें भी बताई है.

default

जनरल सिंह का मानना है कि इन दोनों पड़ोसी मुल्कों से लगातार बढ़ रही सिरदर्दी की वजह से भारतीय सेनाओं को मौजूदा परमाणु युग में पारंपरिक युद्ध की सभी क्षमताओं से लैस होना चाहिए. नई दिल्ली में भारतीय सेना की नई भूमिकाएं और मकसद विषय पर आयोजित सेमिनार में जनरल सिंह ने यह बात कही.

उन्होंने दलील दी कि पाकिस्तान लचर सरकारी तंत्र और दयनीय आंतरिक स्थिति के बीच आतंकवादी संगठनों की सुरक्षित पनाहगाह बन गया है. इन सब बातों का सीधा असर भारत पर पड़ता है और उसके लिए ये हालात चिंता का सबब बनते हैं. इसके अलावा चीन से भारत को आर्थिक और सामरिक दोनों मोर्चों पर लगातार खतरा बढ़ रहा है. उन्होंने कहा "सीमा विवाद होने के बावजूद हमारी सीमाओं पर स्थायित्व तो है लेकिन साझा सीमाओं वाले देशों की मंशा में खोट को देखते हुए हमें सैन्य क्षमताओं में इजाफा करना चाहिए."

सेना प्रमुख ने कहा इस तरह के हालात सेना के मकसद और भूमिका नए सिरे से तय करने पर मजबूर करते हैं. हालांकि उन्होंने चीन के साथ युद्ध की सीधी आशंका को तो नकार दिया लेकिन इसके खतरे से इंकार नहीं किया. उन्होंने कहा "चीन के साथ हमारी सीमाओं पर स्थायित्व तो है लेकिन हम ढिलाई बरतने का खतरा मोल नहीं ले सकते."

जनरल सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय सेनाओं को पारंपरिक युद्ध की स्थिति में परमाणु खतरे से निपटने की काबलियत में निखार लाने की जरूरत है. उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत को अपनी सीमाओं के विस्तार की कोई महत्वाकांक्षा नहीं है फिर भी सीमाओं पर चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों पर बारीक नजर रख ने की जरूरत है.

रिपोर्टःपीटीआई/निर्मल

संपादनः आभा एम

DW.COM