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दुनिया

सिडनी के कैफे में बंधक संकट

सिडनी में एक बंदूकधारी ने कैफे में कुछ लोगों को बंधक बना लिया है. बंदूकधारी ने बंधकों से इस्लामिक झंडे को भी कैफे में लहराने को आदेश दिया. इस ताजा घटनाक्रम से सिडनी में आतंकवादी हमले की आशंका को बल मिल रहा है.

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक सोमवार को सिडनी शहर के लिंड्ट कैफे में बंदूकधारी ने जिन लोगों को बंधक बनाया है, उनमे कम से कम 30 नागरिक और 10 कर्मचारी हैं. इस घटना के बाद तीन पुरुष और दो महिलाएं कैफे से निकल भागने में सफल रहीं. सिडनी का यह इलाका वित्तीय संस्थाओं वाला है, लिंड्ट चॉकलेट कैफे शहर के बीचों बीच मार्टिन प्लेस में है. यहां रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के साथ साथ देश के दो बड़े बैंकों के मुख्यालय भी हैं. पास ही भारतीय वाणिज्य दूतावास का दफ्तर भी है. पुलिस की जानकारी के मुताबिक कैफे में कम से कम एक बंदूकधारी मौजूद है.

कैफे से भागी महिलाओं के परिधान से मालूम पड़ता है कि वे कैफे की कर्मचारी हैं. इससे पहले कैफे से तीन पुरुष भाग कर बाहर आए, जिन्हें पुलिस ने अपनी सुरक्षा में ले लिया. फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि कैफे से बाहर आए लोग खुद जान बचा कर भागे हैं या फिर बंदूकधारी ने उन्हें छोड़ा है. इन पांचों लोगों से पुलिस बंदूकधारी के बारे में पूछताछ कर रही है. समाचार चैनलों का कहना है कि बंदूकधारी ने ऐसा दावा किया है कि उसके पास दो बम मौजूद है और उसने दो बम शहर में कहीं और रख दिए हैं. बंदूकधारी ने ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री टोनी एबट से बात करने की मांग की है.

सिडनी सतर्क

मार्टिन प्लेस के आसपास की इमारतों और सड़कों को खाली करा लिया गया है. घटनास्थल तक जाने वाले रास्तों को बंद करके पुलिस ने क्षेत्र की घेराबंदी कर ली है. पुलिस, अर्धसैनिक बल के अधिकारियों ने कई ब्लॉकों की घेराबंदी कर ली है. पुलिस और पैरामिलिट्री के जवानों ने पॉजिशन लेकर कैफे की तरफ अपने अपने हथियार तानकर तैनात हैं. शहर के ऊपर हेलिकॉप्टर लगातार चक्कर काट रहे हैं. न्यू साउथ वेल्स की पुलिस उपायुक्त कैथरिन बर्न ने पत्रकारों से कहा, "फिलहाल यह कहना मुश्किल है कि बंदूकधारी ने कितने लोगों को बंधक बनाया है. लेकिन अंदाज है कि कम से कम 30 लोग कैफे के अंदर हैं."

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री टोनी एबट का कहना है कि ऐसा संकेत मिलता है कि वारदात राजनीत से प्रेरित है. एबट कहते हैं, "यह घटना विचलित करने वाली है. मैं ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों की चिंता और घबराहट को अच्छे तरीके से समझ सकता हूं."

1978 में हिल्टन होटल बम विस्फोट की घटना के बाद सिडनी में यह सबसे बड़ा सुरक्षा अभियान है. उस वक्त बम विस्फोट में दो लोगों की मौत हुई थी. इलाके के सभी बड़े बैंकों और दफ्तरों ने कर्मचारियों को वहां से हटा लिया है. लोगों से इस इलाके में आने जाने से बचने को कहा गया है.

आईएस से संबंध ?

ऑस्ट्रेलिया इस्लामिक स्टेट के खिलाफ जारी अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में शामिल है और वह अमेरिकी का प्रमुख सहयोगी है. इराक और सीरिया में भी ऑस्ट्रेलिया ने इस्लामिक स्टेट के खिलाफ कार्रवाई की है. खाड़ी में लड़ाई लड़कर लौटे घरेलू जिहादियों को लेकर ऑस्ट्रेलिया में हाई अलर्ट है. समाचार चैनलों पर दिखाई जा रही तस्वीरों के मुताबिक कैफे की खिड़की पर अरबी लिपि में लिखा इस्लामी झंडा दो लोगों ने लहराया है. इस तरह का झंडा इस्लामिक स्टेट के आतंकियों के बीच काफी लोकप्रिय है. इस्लामिक स्टेट और अल कायदा इस तरह के झंडों का इस्तेमाल करते आए हैं.

सितंबर महीने में ऑस्ट्रेलिया में आतंकनिरोधी पुलिस ने दावा किया था कि उसने किसी सार्वजनिक जगह पर किसी का सिर कलम करने की योजना को विफल कर दिया था. इसके बाद मेलबर्न में एक किशोर की पुलिस ने गोली मारकर हत्या कर दी थी जब उसने आतंकनिरोधी दल के दो सदस्यों पर छुरे से हमला कर दिया था.

एए/एजेए (एपी, एएफपी, रॉयटर्स)

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