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दुनिया

सालाना पांच लाख शरणार्थी ले सकता है जर्मनी

जर्मनी के उपचांसलर जिगमार गाब्रिएल ने कहा है कि जर्मनी अगले कई सालों तक सालाना पांच लाख शरणार्थियों के लिए देश में जगह बनाने की आर्थिक क्षमता रखता है.

PK Merkel Gabriel zum Umgang mit steigenden Flüchtlingszahlen

जर्मन चांसलर अंगेला मैर्केल के साथ उपचांसलर जिगमार गाब्रिएल

जिगमार गाब्रिएल ने यह बात सरकारी टीवी चैनल जेडडीएफ के साथ एक इंटरव्यू में कही. उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि हम कुछ सालों तक तो यकीनन सालाना पांच लाख लोगों से निपट सकते हैं. मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है, शायद इससे ज्यादा भी."

गाब्रिएल जर्मनी की एसपीडी पार्टी के अध्यक्ष भी हैं. उन्होंने कहा कि शरणार्थियों के बारे में यूरोपीय संघ को अपनी रणनीति में बदलाव लाने होंगे, "यह नहीं चलेगा कि यूरोप ऑस्ट्रिया, स्वीडन और जर्मनी जैसे कुछ ही देशों पर शरणार्थियों की सारी जिम्मेदारी डाल दे. इसलिए मुझे यकीन है कि यूरोप की राजनीति को बदलना ही होगा." गाब्रिएल ने कहा कि यह फैसला जल्द लिया जाना चाहिए कि शरणार्थियों को यूरोप के विभिन्न देशों में किस तरह से बांटा जाएगा.

जर्मनी की आबादी आठ करोड़ है. इस साल जर्मनी में आठ लाख शरणार्थियों को जगह दी जानी है. पिछले साल के मुकाबले यह संख्या चार गुना है. गाब्रिएल ने कहा कि ऐसा मुमकिन हो पा रहा है, "क्योंकि हम आर्थिक रूप से एक मजबूत देश हैं और इसमें कोई शक नहीं है." लेकिन साथ ही उन्होंने शिकायत करते हुए कहा कि ऐसा नहीं हो सकता कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों को देश में लाया जाए और उनका फौरन समेकन भी हो जाए. इसके लिए उन्होंने यूरोपीय संघ के सभी 28 सदस्यों से जिम्मेदारी उठाने की अपील की है.

Deutschland Schweden Merkel und Löfven PK in Berlin

स्वीडन के प्रधानमंत्री श्टेफान लोएवेन के साथ अंगेला मैर्केल

इसी सिलसिले में चांसलर मैर्केल ने स्वीडन के प्रधानमंत्री श्टेफान लोएवेन से बर्लिन में मुलाकात की. बैठक के बाद साझा प्रेस काफ्रेंस में मैर्केल ने एक साझा यूरोपीय प्रणाली बनाने की बात की. मैर्केल ने कहा, "यह साझा यूरोपीय शरणार्थी प्रणाली केवल कागजों पर ही नहीं, व्यवहार में भी मौजूद होनी चाहिए. मैं ऐसा इसलिए कह रही हूं क्योंकि इसी के जरिए न्यूनतम मानक तय किए जा सकेंगे."

Syrien Kobane Zerstörung Ruinen

गृह युद्ध के कारण तबाह हो चुका है सीरिया

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार सीरिया में हालात और बिगड़ सकते हैं. ऐसे में शरणार्थियों की संख्या में और भी वृद्धि होगी. संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि अगर गृह युद्ध लताकिया तक पहुंच गया, तो दस लाख और सीरियाई विस्थापित हो सकते हैं. सीरिया का यह इलाका अब तक गृह युद्ध से प्रभावित नहीं हुआ है.

आईबी/आरआर (डीपीए, एएफपी)

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