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दुनिया

सारकोजी पर अवैध चंदा लेने के आरोप

फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति निकोला सारकोजी कानूनी जांच के घेरे में आ गए हैं. उन पर आरोप है कि उन्होंने 2007 चुनाव के दौरान एक रईस महिला से गैर कानूनी तौर पर भारी चंदा लिया. सारकोजी ने आरोपों से इंकार किया है.

सारकोजी पर आरोप है कि उन्होंने फ्रांस की सबसे रईस मानी जाने वाली अरबपति महिला लॉरियल हाइरेस लिलियाने बेटेनकूर से लिफाफों में भर कर हजारों यूरो लिए. यह धनराशि डेढ़ लाख यूरो यानि लगभग एक करोड़ रुपये है, जबकि कानूनी तौर पर निजी प्रचार के लिए किसी एक व्यक्ति या संस्था से 4600 यूरो यानि से ज्यादा नहीं लिया जा सकता.

फायदा उठाने का आरोप

सारकोजी पर कमजोर व्यक्ति का फायदा उठाने का आरोप लगा है. जिस समय सारकोजी और बेटेनकूर के बीच यह लेन देन हुआ उस समय उनकी सेहत खराब थी. बेटेनकूर अब 90 साल की हैं और चिकित्सकों का कहना है कि उनकी मानसिक हालत 2006 से ही खराब होने लगी थी.बेटेनकूर के पूर्व एकाउंटेंट क्लेयर थिबो ने पुलिस से 2010 में कहा था कि उन्होंने बेटेनकूर के नजदीकी पैट्रिस डे माइस्ट्रे को इस सोच में नोटों से भरे लिफाफे दिए कि उन्हें सारकोजी के चुनाव मैनेजर एरिक वोर्थ को सौंप दिया जाएगा. वोर्थ पर इस मामले में मुकदमा दायर किया गया है.

गुरुवार को बोर्दो की एक अदालत में कई घंटों तक चली पूछताछ के बाद सारकोजी के खिलाफ औपचारिक जांच कराने का फैसला लिया गया. सारकोजी के वकील थियेरी हरसोग ने बताया कि वह इस फैसले के खिलाफ अदालत में अपील करेंगे. उनके अनुसार सारकोजी पर लगा आरोप बेबुनियाद और अनुचित है. फ्रांसीसी कानून व्यवस्था में किसी व्यक्ति को मुजरिम करार दिए जाने से पहले मामले की औपचारिक जांच अंतिम कदम है.

नवंबर में भी हुई थी पूछताछ

पिछले साल नवंबर में पहली बार उनसे बेटेनकूर से संबंधित पूछताछ की गई थी. बारह घंटे चले सवाल जवाब के बाद उनके खिलाफ पर्याप्त सुबूत न होने के चलते मामला थम गया था. सारकोजी यही कहते आए हैं कि वह बेटेनकूर के घर सिर्फ एक बार गए थे और वह भी उनके इस बीच स्वर्गीय पति से मिलने. हालांकि बेटेनकूर के लिए काम करने वाले लोगों के बयान इसके विपरीत हैं.

सरकारी वकील ने बोर्दो में बताया, "निकोला सारकोजी को सूचित कर दिया गया है कि 2007 में लिलिअन बेटेनकूर से फायदा उठाने के आरोप में उन पर औपचारिक जांच किए जाने का फैसला लिया गया है." बेटेनकूर के पुराने बटलर के वकील अंत्वां जिलो से भी इस मामले में पूछताछ की गई. उन्होंने बताया कि जज जां मिषेल जेंटिल ने सारकोजी पर लगे इस आरोप की पूरी जांच के आदेश दिए हैं.

सारकोजी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है. राष्ट्रपति के पास विशेषाधिकार होता है कि उन पर मुकदमा नहीं चलाया जा सकता लेकिन 2012 में ओलांद से चुनाव हारने के बाद सारकोजी ने यह विशेषाधिकार खो दिया. फ्रांस के जज सारकोजी से पहले पूर्व राष्ट्रपति जाक चिराक के खिलाफ कार्रवाई कर चुके हैं. उन्हें राष्ट्रपति बनने से पहले पेरिस के मेयर के रूप में भ्रष्टाचार का दोषी पाया गया था. उन्हें दो साल की निलंबित कैद की सजा मिली थी.

ओलांद से चुनाव हारने के बाद सारकोजी पर कई आरोप लगे हैं. बेटेनकूर मामले के अलावा उनके खिलाफ कई दूसरे मामलों में भी जांच चल रही है.बेटेनकूर मामले में उन्हें जेल या जुर्माने की सजा हो सकती है. किसी व्यक्ति की कमजोर दिमागी हालत का दुरुपयोग करने का दोषी पाए जाने वाले को तीन साल की जेल या पौने 4 लाख यूरो का जुर्माना हो सकता है. उन पर पांच साल के लिए सार्वजनिक पद लेने पर रोक लगाई जा सकती है.

एसएफ/एमजे (एपी,एएफपी,डीपीए)

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