सामान के पैसे लेना एयरलाइंस का हक | मनोरंजन | DW | 19.09.2014
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मनोरंजन

सामान के पैसे लेना एयरलाइंस का हक

यूरोपीय सर्वोच्च अदालत ने एक फैसला सुनाते हुए कहा है कि एयरलाइंस अगर लगेज के लिए अलग से फीस मांगती हैं, तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है, बल्कि यह उनका अधिकार है.

ईजी जेट, रायन एयर और जर्मन विंग्स की तरह यूरोप में कई बजट एयरलाइंस हैं, जो यात्रियों को सस्ते में टिकट उपलब्ध कराती हैं. यात्री खुद तय कर सकते हैं कि वे विमान में किस तरह की सेवा चाहते हैं. वे चाहें तो खाने पीने की सेवा को छोड़ कर सस्ती टिकट बुक कर सकते हैं. यहां तक कि सीट में पैर फैलाने की कितनी जगह चाहिए, इसके अनुसार भी सस्ती या महंगी टिकट खरीदी जा सकती है. इसी तरह वे तय कर सकते हैं कि वे साथ में सामान ले जाना चाहते हैं या केवल हैंड बैग से ही काम चलाना चाहेंगे. यदि लगेज चेक इन कराना हो तो उसके अलग से पैसे देने पड़ते हैं.

2010 में स्पेन की एक महिला को सामान चेक इन कराने के चालीस यूरो देने पड़े. इस अतिरिक्त फीस से नाराज महिला ने विमान कंपनी पर मुकदमा कर दिया, जिसे कंपनी हार गयी और उसे 3000 यूरो का जुर्माना चुकाना पड़ा. लेकिन बाद में कंपनी ने यूरोपीय न्यायालय में अपील करने की ठानी. गुरूवार को आए फैसले में अदालत ने कहा है कि अतिरिक्त फीस मांगना यूरोपीय संघ के विमानन कानूनों के अनुकूल है.

लग्जेमबर्ग में स्थित अदालत ने अपने फैसले में कहा कि यात्रियों से यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि वे हमेशा लगेज ले कर ही चलें. विमान कंपनियों के हित की बात करते हुए अदालत ने कहा, "चेक इन किए हुए सामान को संभाल कर रखना पड़ता है, जिससे विमान कंपनियों का खर्च बढ़ता है, जबकि हैंड बैगेज के साथ ऐसा नहीं है. इसके अलावा सामान को अगर किसी तरह का नुकसान पहुंचे, तो कंपनी को उसका हर्जाना भी देना होता है."

अदालत ने यह भी कहा कि विमान कंपनियों को हैंड बैगेज पर फीस लगाने का कोई हक नहीं है, क्योंकि वह जरूरी सामान की श्रेणी में आता है. चेक इन वाले सामान के बारे में अदालत ने कहा कि फीस के बारे में यात्रियों को पहले से ही सूचित किया जाना चाहिए ताकि उन्हें किसी तरह की असुविधा ना हो.

आईबी/एजेए (डीपीए, एएफपी)

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