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दुनिया

साफ नदियों के लिए भारत-जर्मनी का सहयोग

भारत और जर्मनी कौशल विकास, स्वच्छ ऊर्जा, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और नदियों को साफ करने के क्षेत्र में नई साझेदारी विकसित करने पर सहमत हुए हैं.

जर्मनी के विदेश मंत्री फ्रांक-वाल्टर श्टाइनमायर ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. इस मौके पर मोदी ने कहा कि जर्मनी और भारत एक दूसरे के लिए बने हैं. मुलाकात के दौरान श्टाइनमायर ने भारत में नई सरकार के साथ काम करने की जर्मनी की गहरी इच्छा जताई, जिससे द्विपक्षीय रिश्ते गहरे और व्यापक हो सकें.

प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा कि मोदी ने जर्मनी के पिछले एक दशक में उल्लेखनीय आर्थिक पुनरुत्थान की सराहना की. उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों से बंधे भारत और जर्मनी एक दूसरे के लिए बने हैं. साथ ही दोनों देश कुशल कामगार और संसाधनों के कारण निर्माण और ढांचागत विकास में साझेदारी करने के जरिए औद्योगिक विकास की अगली पीढ़ी को ताकत दे सकते हैं.

मोदी ने सलाह दी कि व्यावसायिक प्रशिक्षण और कुशल कामगार क्षेत्र में जर्मनी की खासियत का भारत इस्तेमाल कर सकता है. इसके जरिए भारतीय युवकों को ठोस प्रशिक्षण की शुरुआत की जा सकती है और वैश्विक जरूरतों की पूर्ति भी इससे संभव हो सकेगी.

मोदी ने जर्मनी से अपील की कि वह स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में जारी सहयोग को और आगे बढ़ाने और नदियों को स्वच्छ करने, ठोस अपशिष्‍ट प्रबंधन और अपशिष्ट जल शोधन के क्षेत्रों में नई साझेदारी विकसित करें.

मेट्रो का दौरा

जर्मन विदेश मंत्री श्टाइनमायर ने रविवार को दिल्ली के हौज खास इलाके में मेट्रो के निर्माण का जायजा लिय और उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में बुनियादी सुविधाओं को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार की राजनीतिक इच्छा शक्ति से वे बहुत प्रभावित हैं. श्टाइनमायर ने कहा, "हम वास्तव में राजनीतिक इच्छा शक्ति से काफी प्रभावित हैं और दिल्ली में बुनियादी ढांचे को पूरा करने के लिए तकनीकी जानकारी और हम बहुत खुश हैं कि जर्मन कंपनियां आपके साथ काम कर रही है."

एए/एएम (पीटीआई, डीपीए)

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