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दुनिया

सांगयोंग को खरीदेगी महिन्द्रा

भारत की महिन्द्रा एंड महिन्द्रा ने दक्षिण कोरिया की दीवालिया हुई मोटर कंपनी सांगयोंग को खरीदने का फैसला कर लिया है. इस सिलसिले में शुरुआती डील हो चुकी है. सांगयोंग ने इसका एलान किया. पर सौदे की रकम का पता नहीं लगा है.

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महिंद्रा की फैलाव की कोशिश

दक्षिण कोरिया की कार निर्माता कंपनी सांगयोंग ने सोल स्टॉक एक्सचेंज को दिए अपने बयान में कहा, "हमने बातचीत के लिए महिन्द्रा एंड महिन्द्रा को अधिकार दे दिए हैं और अब बीच में कोई तीसरी पार्टी नहीं आएगी." महिन्द्रा की ही तरह सांगयोंग भी यूटिलीटी विहेकिल (जीप) बनाती है. इसके रेक्सटॉन, कायरॉन और एक्टियॉन मॉडल मशहूर हैं.

सांगयोंग ने 12 अगस्त को ही बताया था कि महिन्द्रा से उसकी बातचीत लगभग पक्की हो चुकी है. कंपनी ने इस बात का खुलासा नहीं किया है कि डील कितने में हुई है लेकिन जानकारों का मानना है कि सांगयोंग कंपनी के 50 फीसदी हिस्से की कीमत लगभग 50 करोड़ वोन यानी करीब 42 करोड़ डॉलर बनते हैं.

महिन्द्रा के वाइस चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर आनंद महिन्द्रा कह चुके हैं कि यह किसी भारतीय कंपनी का दक्षिण कोरिया में सबसे बड़ा निवेश होगा और इससे महिन्द्रा की अंतरारष्ट्रीय साख मजबूत हो पाएगी.

पिछले साल फरवरी में सांगयोंग की हालत खस्ता हो गई थी. आर्थिक मंदी और तेल की बढ़ी कीमतों की वजह से कारोबार चौपट हो गया और बाजार में यूटिलीटी विहेकिल की मांग लगातार घटती चली गई. इसके बाद चीन की कंपनी शंघाई ऑटोमोटिव ने यहां पैसा लगाने से इनकार कर दिया. मूल रूप से यह कंपनी शंघाई ऑटोमोटिव से ही जुड़ी है. इसके बाद हड़ताल भी हुई और इसका उत्पादन 80 दिनों तक बंद रहा.

कंपनी दीवालिया होने के कगार पर पहुंच गई, तो इसे बेचने का फैसला किया गया. महिन्द्रा के अलावा भारत की टायर कंपनी रुइया ग्रुप और कोरिया की ही योंग अन हाट भी रेस में थीं. यांग अन हाट ने देवू बस का मालिकाना हक हासिल कर लिया है. भारी कीमत को देखते हुए फ्रांस की रेनां और जापान की निसान ने पहले ही अपनी दावेदारी वापस ले ली थी.

अगर सौदा पक्का हो जाता है, तो महिन्द्रा दक्षिण कोरिया में कारोबार करने वाली दूसरी भारतीय कंपनी हो जाएगी. इससे पहले 2004 में टाटा मोटर्स देवू की ट्रक इकाई पर कब्जा कर चुकी है.

रिपोर्टः एएफपी/ए जमाल

संपादनः वी कुमार

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