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मनोरंजन

सही समय पर सही जगह सिमरन

हिन्दी फिल्म जो हम चाहें तो अपना करियर शुरू करने वाली पूर्व फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड सिमरन कौर मुंडी ने अब दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग का रुख किया है.

मॉडलिंग से अभिनय के पेशे में आई सिमरन फिलहाल एकता कपूर के निर्देशन में बनने वाली एक हिन्दी फिल्म में भी काम कर रही हैं. एक कार्यक्रम के सिलसिले में कोलकाता आई सिमरन ने डॉयचे वेले से बातचीत की.

डीडबल्यूः क्या माडलिंग की वजह से फिल्मों में काम मिलने में कुछ सहूलियत होती है?

सिमरनः मॉडलिंग से फिल्मों में अभिनय के दरवाजे खुलते हैं या नहीं, यह तो मुझे नहीं मालूम. लेकिन मॉडलिंग के बाद अभिनय के क्षेत्र में जाना ही सही कदम है. मॉडलिंग अगर स्कूल है तो अभिनय की तुलना कालेज यानी ग्रेजुएशन से की जा सकती है. एक कलाकार और कैमरे के बीच का संबंध बेहद महत्वपूर्ण होता है.

डीडबल्यूः आप मॉडलिंग में कैसे आईं?

सिमरनः ग्रेजुएशन के बाद एक मल्टीप्लेक्स में काम करने के दौरान मैं मेहमानों की देखरेख का काम करती थी. वहीं सौंदर्य प्रतियोगिता के आयोजकों ने मुझे देखा और उसमें हिस्सा लेने का न्योता दिया. मैं खुद को मॉडलिंग के लिए सही नहीं मानती थी. लेकिन मिस इंडिया यूनिवर्स का खिताब मिलते ही रातोंरात मेरी जिंदगी बदल गई. उसके बाद मॉडलिंग के प्रस्ताव अपने आप ही मिलने लगे.

डीडबल्यूः मॉडलिंग से बॉलीवुड में कैसे पहुंचीं?

सिमरनः मैंने लगभग दो साल तक मॉडलिंग की. बॉलीवुड में जाने की मेरी कोई इच्छा नहीं थी. प्रस्ताव तो कई मिले लेकिन कोई कहानी नहीं जमी. दो साल पहले जब फिल्म जो हम चाहें का प्रस्ताव मिला तो मुझे लगा कि बॉलीवुड में आने के लिए यही सही समय और सही भूमिका है.

डीडबल्यूः मॉडलिंग के मुकाबले फिल्म का अनुभव कैसा रहा ?

सिमरनः इसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है. मॉडलिंग और अभिनय में काफी फर्क है. मॉडलिंग में आप खुद अपना किरदार निभाते हैं जबकि अभिनय में दूसरे किरदारों में डूब कर उसे परदे पर सजीव बनाना होता है. मेरा पहला अनुभव शानदार रहा.

डीडबल्यूः आपने हाल में तेलुगू फिल्म में भी काम किया है. दक्षिण की फिल्म का अनुभव कैसा रहा ?

सिमरनः बेहद बढ़िया. दो तीन फिल्मों में काम करने के बावजूद भी दक्षिण भारत की पहली फिल्म करते समय मुझे स्टार का दर्जा मिला. दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग से जुड़े लोग विनम्र होने के अलावा काफी पेशेवर भी हैं. मैं तेलुगू सीख रही हूं. लेकिन यह काफी कठिन भाषा है.

डीडबल्यूः क्या आगे दक्षिण की फिल्मों पर ज्यादा ध्यान देने का इरादा है ?

ऐसा नहीं है. मैं हर भाषा में बेहतर फिल्में करने के लिए तैयार हूं. अभिनय के मामले में मैंने अभी कोई प्राथमिकता नहीं तय की है कि कहां काम करना है और कहां नहीं. मेरी स्थिति वैसी है भी नहीं. मैं अभिनय का कोई भी बेहतर मौका हाथ से नहीं निकलने देना चाहती. इस समय दक्षिण की कई हिट फिल्मों के हिन्दी में रीमेक बनाए जा रहे हैं. इसलिए मुझे लगता है कि मैं सही समय पर सही जगह यानी दक्षिण भारतीय फिल्मों में हूं.

डीडबल्यूः भावी योजनाएं क्या हैं ?

सिमरनः अभी इसी साल एक पंजाबी फिल्म बेस्ट ऑफ लक में काम किया है. उसके बाद यह तेलुगू फिल्म आई है. एकता कपूर के निर्देशन में बन रही फिल्म कुकू माथुर की झंड हो गई अगले साल फरवरी में रिलीज होगी. इसके अलावा सन्नी देओल के साथ भैय्याजी में काम कर रही हूं. यह भी अगले साल रिलीज होगी.

इंटरव्यूः प्रभाकर, कोलकाता

संपादनः आभा मोंढे