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खेल

सहवाग का वो ना भूलने वाला ओवर

भारतीय क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से सन्यास की घोषणा कर दी है. भारत के महानतम बल्लेबाजों में से एक 'नवाब ऑफ नजफगढ़' की कई यादगार पारियों में चुन कर लाए हैं एक अविस्मरणीय ओवर.

भारतीय क्रिकेट टीम के सफलतम सलामी बल्लेबाजों में एक वीरेंद्र सहवाग ने 20 अक्टूबर को अपने जन्मदिन के मौके पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और आईपीएल से सन्यास लेने की घोषणा कर दी. अपने समकक्ष खिलाड़ी जहीर खान के सन्यास के मात्र दो दिन बाद ही प्यार से 'वीरू' कहलाने वाले सहवाग ने भी प्रशंसकों को अपने रिटायरमेंट की सूचना दी है.

सहवाग को इयान चैपल दुनिया का सबसे विध्वंसकारी बल्लेबाज बता चुके हैं. 20 अक्टूबर 1978 को दिल्ली के नजफगढ़ में जन्मे वीरू ने अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर की शुरुआत एक ऑलराउंडर की हैसियत से 1999 में पाकिस्तान के विरूद्ध एकदिवसीय मैच से की. अपना पहला अंतरराष्ट्रीय शतक उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ केवल 69 गेंदों में साल 2001 में बनाया.

साल 2008 में सहवाग टेस्ट मैच में सबसे तेज ट्रिपल सेंचुरी बनाने वाले बल्लेबाज बन गए. यह मैच उन्होंने चेन्नई में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेला था. सहवाग के नाम 2009 में एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय (ओडीआई) मैच में सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड भी बना, जिसे चार साल बाद विराट कोहली ने तोड़ा. 2005 में श्रीलंका के खिलाफ खेला गया सहवाग का यह ओवर भला कौन भूल सकता है जब उन्होंने ओवर की छह गेंदों पर 4,4,6,4,4,4 रन दिए थे.

सहवाग ने टेस्ट क्रिकेट में 23 शतक बनाए हैं और टेस्ट के इतिहास में दो तिहरे शतक बनाने वाले दुनिया के चार बल्लेबाजों में से एक हैं. सहवाग के अलावा ऐसी उपलब्धि सर डॉन ब्रैडमैन, ब्रायन लारा और क्रिस गेल ने हासिल की है. अपने 37वें जन्मदिन पर हर प्रकार के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और आईपीएल से सन्यास की घोषणा करने वाले सहवाग ने अपने करियर में कुल 104 टेस्ट, 251 ओडीआई और 19 टी20 मैच खेले हैं. वीरू के खाते में 17,000 से भी अधिक अंतरराष्ट्रीय रन हैं.

ऋतिका राय (रॉयटर्स, यूट्यूब)

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