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दुनिया

सर्बिया पलटा, नरम कोसोवो प्रस्ताव पास

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने सर्बिया समर्थित उस प्रस्ताव को पास कर दिया है जिसमें यूरोपीय संघ से सर्बिया और कभी उसका हिस्सा रहे कोसोवो के बीच मध्यस्थता वार्ता करने को कहा है

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बेलग्रेड और प्रिश्टीना में अखबारों ने एकमत राय दी है. सर्बिया ने नाटकीय पलटा खाया और कोसोवो पर दावे का अपना रुख यूरोपीय संघ से अच्छे रिश्ते की कीमत पर नरम कर दिया है. शुक्रवार को सर्बिया के राजनीतिक जीवन पर सदमे की छाया दिखी और बोलती बंद रही. राष्ट्रपति बोरिस टाडिच यूरोपीय संघ के भारी दबाव के सामने ठहर नहीं पाए और यूरोप में अलग थलग पड़ने से बचने के लिए सर्बिया ने गुरुवार को अपना कठोर रुख वाला प्रस्ताव एक नरम प्रस्ताव से बदल दिया.

पुराने प्रस्ताव में कोसोवो की आजादी की निंदा करने और उसके दर्जे पर वार्ता की मांग की गई थी. लेकिन यह अमेरिका और बहुत से यूरोपीय देशों को स्वीकार नहीं था जो पहले ही कोसोवो को मान्यता दे चुके हैं. अब नए प्रस्ताव में सर्बिया ने बेलग्रेड और प्रिश्टीना के बीच मध्यस्थता के यूरोपीय संघ के प्रस्ताव को मान लिया है. 192 सदस्यों वाली महासभा में ध्वनिमत से पास प्रस्ताव में अंतरराष्ट्रीय कोर्ट की जुलाई में दी गई सलाह का भी जिक्र है जिसमें कहा जा चुका है कि 2008 में कोसोवो की सर्बिया से स्वतंत्र होने की घोषणा ने अंतरराष्ट्रीय कानून का हनन नहीं किया है.

सर्बिया के विदेश मंत्री वुक येरेमिच ने संयुक्त राष्ट्र महासभा से कहा है कि यूरोप समर्थित वार्ता की तैयारी के बावजूद सर्बियाई सरकार ने कोसोवो की एकतरफा आजादी को न स्वीकार किया है और न करेगा. उन्होंने उम्मीद जताई कि संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव ऐसा माहौल बनाने में मदद करेगा जो सर्बों और अलबानियों के बीच व्यापक शांति स्थापित करेगा. सर्बों और कोसोवो की अलबानी आबादी के बीच संघर्ष को रोकने के लिए सर्बिया पर नाटो की बमबारी के बाद 1999 में कोसोवो पर सर्बिया का नियंत्रण समाप्त हो गया. उसके बाद से अमेरिका और 40 देशों के अलावा यूरोपीय संघ के 22 सदस्य देशों ने कोसोवो को मान्यता दे दी है.

महासभा का प्रस्ताव पास होने के बाद कोसोवो ने कहा है कि वह बेलग्रेड के साथ वार्ता को तैयार है. कोसोवो के विदेश मंत्री स्कंदर हीसैनी ने कहा, लड़ाई जीत ली गई है. निश्चित तौर पर अंतरराष्ट्रीय कोर्ट के मत को स्वीकार करने वाला यूएन प्रस्ताव कोसोवो के लिए अच्छी खबर है." कोसोवो के दर्जे पर बातचीत की संभावना से इंकार करते हुए उन्होंने कहा, "बातचीत पूरी तरह से पारस्परिक दिलचस्पी के क्षेत्रों में सहयोग पर होगी."

उधर सर्बियाई विदेश मंत्री येरेमिच के लिए यह प्रस्ताव घातक साबित हो सकता है. दानास दैनिक ने कहा कि उनके न्यूयार्क से लौटते ही राष्ट्रपति बोरिस टाडिच उनके भविष्य के बारे में बात करेंगे. टाडिच के समर्थन से ही येरेमिच ने संसद या यूरोपीय संघ से बातचीत किए बिना हार्डलाइन प्रस्ताव महासभा में रखा था. उनके ही नेतृत्व मे सर्बिया ने कोसोवो की आजादी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में अपील की.

रिपोर्ट:एजेंसियां/महेश झा

संपादन: अनवर जमाल

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