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विज्ञान

सर्फिंग बोर्ड पर योग

सांस रोकने, आसन और शरीर में हरकत करने की प्राचीन प्रथा है योग. लेकिन वक्त के साथ साथ योग करने का तरीका भी बदल रहा है. पानी पर सर्फिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले बोर्ड पर भी अब योग किया जा रहा है.

फिटनेस एक्सपर्टों का कहना है कि पैडल बोर्ड पर योग करने से संतुलन बेहतर होता है, एकाग्रता सही होती है और जिन्हें भीड़ भाड़ वाले स्टूडियो में योग करने का मन नहीं होता है वह इससे आकर्षित होते हैं. पैडल बोर्ड रेसर और योग प्रशिक्षक जिलियन जिब्री कहती हैं, "लोग मुझे कहते हैं कि यह पानी पर चलने जैसा है."

योग प्रशिक्षक कहती हैं कि पहली बार ऐसा करने वालों को सूखी जमीन पर जल सुरक्षा नमूना दिखाया जाता है. उनके मुताबिक पानी पर साधारण सा आसान भी गहनता के साथ होता है. वे कहती हैं, "बोर्ड पर सब कुछ धीमी गति से होता है क्योंकि संतुलन बनाए रखने में समय लगता है."

जिब्री नदियां, खाड़ी और तो और सागरों में लकड़ी के तख्ते पर योग करने में महारथ हासिल कर चुकी हैं लेकिन वह आम तौर पर स्थिर पानी पर सिखाती हैं. वे कहती हैं, "यह संतुलन पर बहुत काम करता है और आपको अपनी दृष्टि पर ध्यान देना होता है. यह पूरे शरीर का व्यायाम है."

जिब्री के मुताबिक उनके ग्राहक कनाडा, स्विट्जरलैंड, दक्षिण अफ्रीका से लेकर न्यूजीलैंड तक से आते हैं. योग प्रशिक्षक जेसिका मैथ्यूज के मुताबिक, "कुछ चीजें सर्फिंग बोर्ड पर आसानी से काम करती हैं जबकि कुछ चीजें जमीन पर." उनका कहना है कि पैडल बोर्ड योग स्टूडियो में किए जाने वाले योग की जगह नहीं ले सकता. यह पूरक हो सकता है.

मैथ्यूज के पैडल बोर्ड योग की शुरुआत जमीन पर वार्म अप, श्वसन और स्थिरता अभ्यास के साथ होती है. जैसा आम योग क्लास में होता है. एक बार पानी पर आ जाने के बाद वह बुनियादी आसनों पर ज्यादा ध्यान देती हैं.

एए/एमजे (रॉयटर्स)

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