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दुनिया

समाज कल्याण या 'बेनिफिट टूरिज्म'

यूरोपीय संघ ने अन्य ईयू देशों के प्रवासियों को सामाजिक लाभ दिए जाने को लेकर नए दिशानिर्देश जारी किए हैं. इस घोषणा से विदेशी लोगों के इन सुविधाओं के दुरूपयोग पर बहस और भड़क उठी है.

यूरोपीय संघ के रोजगार आयुक्त लासलो आंडोर ने सोमवार को ब्रसेल्स में प्रवासियों के सामाजिक लाभ लेने की योग्यता पर दिशानिर्देश प्रस्तुत किए. यूरोप में कई अधिकारियों का यह आरोप है कि ईयू के सदस्य देशों के लोग नौकरी की बजाए सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाएं ढूंढ रहे हैं. लेकिन आंडोर ऐसा नहीं मानते. उनका कहना है कि यूरोपीय संघ में प्रवासियों के मामले पर "कभी कभी भावातिरेक और भटकी" हुई बहसों के पीछे ब्रिटेन जैसे देशों की घरेलू राजनीति है.

'बेनिफिट टूरिज्म'

इस साल मई में होने वाले यूरोपीय संघ के चुनावों को देखते हुए ब्रिटेन और जर्मनी समेत कई देशों में राजनीतिक दल आरोप लगा रहे हैं कि ये योजनाएं 'बेनिफिट टूरिज्म' को बढ़ावा दे रही हैं. 'बेनिफिट टूरिज्म' का अर्थ है समाज कल्याण की योजनाओं का लाभ उठाने के लिए ईयू के सदस्य देशों में जाना. यूरोपीय कमीशन का मानना है कि ऐसे 'टूरिज्म' का आंकड़ों की दृष्टि से कोई प्रमाण नहीं मिला है.

आंडोर ने समाचार एजेंसी डीपीए को बताया कि ब्रिटेन, ईयू में सदस्यता को लेकर एक जनमत संग्रह लाने की तैयारी भी कर रहा है, "मुझे नहीं लगता कि इन भावनात्मक और भटकी हुई बहसों का कारण जानकारी की कमी है." आंडोर ने पहले भी ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन की आलोचना की थी. उस समय कैमरन ने ईयू के प्रवासियों की वजह से ब्रिटेन के "नास्टी" या खराब होने की बात कही थी.

आसान होगा जीना

आंडोर ने ब्रसेल्स में दिशानिर्देश प्रस्तुत करते हुए इस बात पर भी जोर दिया कि प्रवासी जिस देश में रहते हैं वहां उनका योगदान अपने देश से ज्यादा होता है. ब्रिटेन की आशंकाओं को नकारते हुए आंडोर ने बताया कि बुल्गारिया और रोमानिया से आने वालों की संख्या में इस साल कोई खास बढ़ोत्तरी नहीं दर्ज की गई है, "अस्थाई कार्यकर्ता स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर काम करते हैं. वे स्थानीय लोगों की नौकरियां छीनते नहीं हैं."

साल की शुरूआत में 1 जनवरी को जब ईयू ने बुल्गारिया और रोमानिया से काम के लिए आने वाले लोगों की संख्या पर से सीमा हटाई तब भी पश्चिमी यूरोप के कई देशों ने इस मामले पर अपनी आशंकाएं जताईं थी. ईयू की कार्यकारिणी, यूरोपीय कमीशन ने कुछ निर्देश तैयार किए. नए निर्देश के अनुसार ईयू का ऐसा कोई व्यक्ति जिसके पास नौकरी न हो और रहने के लिए अपना घर भी न हो, वह अगर किसी अन्य सदस्य देश में रह रहा हो तो वह वहां सामाजिक सुरक्षा की मांग कर सकता है.

कानून है सुरक्षित

नए निर्देशों में उन कसौटियों को भी साफ किया गया है जिनके आधार पर कोई प्रवासी सामाजिक सुरक्षा की मांग रख सकता है. अपनी मांग रखने के लिए उस व्यक्ति को अपने परिवार, आय के स्रोतों, निवास की अवधि, नौकरी और टैक्स से जुड़ी ढेरों जानकारियां देनी होंगी. आंडोर ने इस बारे में बताया, "ईयू के कानून में इस तरह की सुरक्षा व्यवस्था है जिससे ईयू के सभी देशों में कोई व्यक्ति सामाजिक कल्याण तंत्र का दुरूपयोग न कर पाए."

आंडोर कहते हैं कि इन दिशा निर्देशों से सदस्य देशों को व्यवहारिक निवास के मामलों में कानून लागू करने में मदद मिलेगी. ईयू सभी सदस्य देशों के बीच लोगों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए कई कदम उठा रहा है. यह दिशानिर्देश उसी क्रम में एक और कदम है.

आरआर/आईबी (डीपीए, एएफपी)

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