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विज्ञान

समंदर से प्लास्टिक हटाने का सपना

वह सिर्फ 19 साल के हैं, लेकिन उनका सपना है धरती के महासागरों से प्लास्टिक निकालना. इस सपने को हकीकत बनाने के लिए उन्होंने समंदर के करंट पर ध्यान केंद्रित किया है. कैसे करने वाले हैं वो अपना सपना पूरा, जानिए यहां.

बोयान स्लैट ने कंसेप्ट दिया है कि पूरा प्लास्टिक सूप पांच मुख्य चक्रीय धाराओं के आस पास घूम रहा है. वह इन्हीं से धाराओं की ऊर्जा का इस्तेमाल करते हुए प्लास्टिक को इकट्ठा करना चाहते हैं. एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग के छात्र स्लैट कहते हैं, "आप प्लास्टिक के पीछे क्यों जाएंगे जब प्लास्टिक खुद आपके पास आ सकता हो."

आयडिया

प्लास्टिक को इकट्ठा करने के लिए उन्होंने 50 किलोमीटर के दो तैरते हुए हाथ बनाए हैं जो वी के आकार के हैं. इन्हें समंदर में छोड़ा जाएगा. पानी के नीचे तीन मीटर तक तैरने वाले ये हाथ भी मजबूत प्लास्टिक से ही बने हुए हैं. समंदर के करंट यानी धाराओं के कारण कचरा वी के आकार वाले इन हाथों में फंस जाएगा और फिर 11 मीटर के व्यास वाले सिलेंडरों में पहुंचेगा. इनमें कुल तीन हजार घनमीटर प्लास्टिक इकट्ठा हो सकेगा. सौर ऊर्जा से चलने वाला कन्वेयर बेल्ट प्लास्टिक के बड़े टुकड़े अलग कर सकेगा.

प्लास्टिक पर काम करने का आयडिया स्लैट को ग्रीस में आया. गोताखोरी के दीवाने स्लैट बताते हैं, "मुझे पानी के नीचे मछलियों से ज्यादा प्लास्टिक दिखाई दिया."

तेज और सस्ता

साल भर इस आयडिया की संभावना पर काम करने के बाद स्लैट चाहते हैं कि पहले तीन चार साल तक टेस्टिंग एरिया में परीक्षण हो उसके बाद ही इसे उत्तरी प्रशांत महासागर में लगाया जाएगा. उन्होंने 100 दिन में 15 लाख यूरो इकट्ठा करने के लिए क्राउडफंडिंग वेबसाइट तैयार की लेकिन उनका लक्ष्य 32 दिन में ही पूरा हो गया. उन्हें उम्मीद है कि 10 साल में महासागरों में घूम रहा आधा प्लास्टिक बाहर निकाला जा सकेगा. स्लैट का दावा है कि उनका तरीका सिर्फ सस्ता ही नहीं तेज भी है.

हालांकि स्लैट की आलोचना भी काफी हुई. कुछ का कहना था कि प्लास्टिक के कण इतने महीन हैं कि उन्हें जाली में नहीं पकड़ा जा सकता. वहीं स्लैट का कहना है कि इस बारे में आगे शोध संभव है. लेकिन वह कमियों से भी वाकिफ हैं और उनके बारे में जानते भी हैं. अब चार साल के टेस्टिंग दौर में क्या सामने आता है ये देखना है. सपना तो अपने आप में अच्छा है.

एएम/एमजे (एएफपी)

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