सबसे महंगी और रहस्यमयी जांच बंद | दुनिया | DW | 17.01.2017
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दुनिया

सबसे महंगी और रहस्यमयी जांच बंद

239 लोगों को ले जा रहे विमान में आखिर ऐसा क्या हुआ कि सब खत्म हो गया. शायद इस सवाल का जवाब कभी न मिल पाए. हिंद महासागर में लापता हुई फ्लाइट एमएच 370 की खोज तीन साल बाद निलंबित कर दी गई है.

आठ मार्च 2014 को दक्षिण चीन सागर के ऊपर मलेशिया एयरलाइंस की फ्लाइट एमएच 370 से आखिरी बार संपर्क हुआ था. इसके बाद कुआलालम्पुर से बीजिंग के लिए निकली फ्लाइट लापता हो गई. उड़ान भरने के घंटे भर के भीतर लापता हुई फ्लाइट का करीब तीन साल बाद भी कोई सुराग नहीं मिला है. जांचकर्ताओं को यह तक पता नहीं चल सका कि आखिर विमान कहां क्रैश हुआ. हिंद महासागर के बड़े इलाके में उसकी तलाश की गई. पहले मलेशिया और चीन के बीच समुद्र को खंगाला गया. फिर जांच बंगाल की खाड़ी की तरफ मुड़ी. वहां भी असफलता मिलने के बाद ऑस्ट्रेलिया के पश्चिमी तट को खंगाला गया. जून 2015 में अफ्रीका के करीब मेडागास्कर में मलबे के कुछ टुकड़े मिले, बस इससे ज्यादा कुछ हाथ नहीं लगा. जांच में कुल 16 करोड़ डॉलर खर्च हुए.

ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया और चीन द्वारा चलाया जा रहा संयुक्त सर्च अभियान अब बंद कर दिया गया है. ऑस्ट्रेलिया के द ज्वाइंट एजेंसी कॉर्डिनेशन सेंटर ने एक बयान जारी कर कहा, "उपलब्ध विज्ञान, अत्याधुनिक तकनीक और इस क्षेत्र के अति कुशल पेशेवरों से मशविरा करने के बाद भी दुर्भाग्य से खोज अभियान, विमान का पता नहीं लगा सका. अब पानी के भीतर एमएच 370 की तलाश निलंबित कर दी गई है. अंडरवॉटर सर्च के निलंबन का फैसला हल्के में या बिना दुख के नहीं लिया गया है."

एमएच 370 के मलबे की खोज हवाई हादसे की सबसे महंगी और जटिल खोज बन चुकी है. 2016 में मलेशिया, चीन और ऑस्ट्रेलिया ने संयुक्त फंड बनाकर खोज जारी रखी. लेकिन अब पैसा खत्म हो चुका है. जांचकर्ताओं को उम्मीद थी कि कोई निजी संस्था या व्यक्ति जांच के लिए वित्तीय मदद देगा, लेकिन ऐसा न हो सका.

जांच निलंबित होने से विमान में सवार लोगों के परिजन आहत हैं. ग्रैस नाथन की मां भी विमान में सवार थी. नाथन कहते हैं, "जब से विमान लापता हुआ, तब से लेकर अब तक जो कुछ हुआ है वो झल्लाने वाला है. हमें उम्मीद है कि वे खोज जारी रखेंगे. वे 1,20,000 वर्ग किलोमीटर में खोज कर चुके हैं. नए 25,000 वर्गकिलोमीटर के बारे में क्या राय है?"

उम्मीद की आखिरी किरण अब समय और संयोग पर टिकी है. जांचकर्ताओं को लगता है कि भविष्य में मछली पकड़ने के लिए गहरे समुद्र में जाल डालने वाली किसी नाव को शायद सुराग मिल जाए. सर्च ऑपरेशन में जुटे तीन देशों के परिवहन मंत्रियों ने एक बयान जारी करते हुए कहा है, "आज का ऐलान हम तीनों देशों के लिए अहम है, लेकिन यह सबसे अहम उन लोगों के लिए है जिनके परिजन या मित्र उस विमान में सवार थे. हम इस अवसर पर जान गंवाने वालों को याद करते हैं और उन लोगों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया. हमें उम्मीद है कि भविष्य में कभी न कभी नई जानकारी आएगी और विमान का पता चल सकेगा."

ओएसजे/एमजे (एपी, एएफपी)

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