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विज्ञान

सफाई की कमी से 240 अरब का नुकसान

बदतर शौचालय और साफ सफाई की कमी की वजह से भारत की अर्थव्यवस्था को हर साल 240 अरब रुपये का भारी भरकम नुकसान होता है. वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे उत्पादन में कमी होती है, बीमारियां और मौतें होती हैं.

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वर्ल्ड बैंक की इस बेहद अहम रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि दुनिया की दूसरी सबसे तेजी से बढ़ रही अर्थव्यवस्था को अपने नागरिकों के लिए शौचालयों का इंतजाम करना चाहिए. अगर ऐसा किया जाए, तो लोगों की साफ सफाई बेहतर होगी और 140 अरब रुपये के नुकसान से बचा जा सकता है.

Pakistan Wasserversorgung

बैंक की पानी और निकासी योजना पर जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि बदतर जलनिकासी योजना की वजह से भारत को 2006 में उसके जीडीपी का 6.4 प्रतिशत नुकसान झेलना पड़ा. रिपोर्ट में जलनिकासी की खराब स्थिति से अर्थव्यवस्था से लेकर पेयजल, शिक्षा, उत्पादन और समय के साथ साथ पर्यटन को हुए नुकसान पर विस्तार से चर्चा की गई है.

रिपोर्ट तैयार करने वाली टीम के क्षेत्रीय प्रमुख क्रिस्टोफर युआन कोस्टेन ने बताया, "इस रिपोर्ट में भारत की अर्थव्यवस्था को पहुंचने वाले नुकसान के बारे में जिक्र है. इसमें बताया गया है कि किस तरह बच्चों और गरीब लोगों को खराब जलनिकासी की कीमत चुकानी पड़ती है."

वर्ल्ड बैंक की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि जलनिकासी की समस्या से वक्त से पहले मौतों और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से 17 अरब रुपये से ज्यादा का नुकसान होता है.

ज्यादा नुकसान ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के गरीब लोगों को होता है. रिपोर्ट के अनुसार सबसे ज्यादा नुकसान स्वास्थ्य संबंधी है लेकिन इसके अलावा उत्पादन समय में नुकसान और इस तरह के दूसरे मामलों से 487 अरब रुपये का घाटा होता है, जबकि पेयजल और पानी संबंधी परेशानियों से 191 अरब रुपये का.

रिपोर्टः पीटीआई/ए जमाल

संपादनः एस गौड़

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