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खेल

सटीक गेंदबाजी ने जीत दिलाई: स्ट्रॉस

24 साल ऑस्ट्रेलिया को उसी के घर में मात देने वाले इंग्लैंड के कप्तान एंड्र्यू स्ट्रॉस ने जीत का सेहरा गेंदबाजों के सिर बांधा हैं. स्ट्रॉस के मुताबिक सटीक गेंदबाजी ने इंग्लैंड को जश्न मनाने का मौका दिया है.

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1986-87 के बाद यह पहला मौका है जब इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया में 3-1 से एशेज सीरीज जीती है. 24 साल पहले यह कारनामा लेन हटन के नेतृत्व में हुआ, इस बार विजयी सेनापति एंड्र्यू स्ट्रॉस बने. जीत के बाद इंग्लिश कप्तान ने कहा, ''जीत के पीछे कोई विशेष राज नहीं छुपा है. हमारी टीम के बारे में सबको पता है. इस टीम में प्रतिभा और धैर्य है. सभी 11 खिलाड़ी दबाव में बढ़िया प्रदर्शन करने वाले हैं. इनकी वजह से आखिरकार ऐसे जश्न का मौका आ ही गया जिसका इंतजार हम 24 साल से कर रहे थे.''

इंग्लैंड को यह सफलता गेंदबाजों के चलते मिली. पूरी सीरीज के दौरान एक बार भी ऐसा मौका नहीं आया जब ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम आउट न हुई हो. कई साल तक टेस्ट मैचों की बादशाही करने के बाद कंगारू टीम को उसके गेंदबाजों ने निराश किया. शेन वार्न, ग्लेन मैक्ग्रा और जेसन गिलेस्पी की तिकड़ी के विदा होते ही ऑस्ट्रेलिया के लिए विपक्षी टीमों के 10 विकेट निकालने नामुमकिन हो रहे हैं.

स्ट्रॉस ने भी माना कि गेंदबाजी के फर्क के चलते उनकी टीम ऑस्ट्रेलिया को मात दे सकी. उन्होंने कहा, ''हमारे अचूक गेंदबाजों से सही वक्त पर प्रदर्शन किया. जेम्स एंडरसन ने शानदार गेंदबाजी की. स्टुअर्ट ब्रॉड भी अचूक रहे. स्टीव फिन, क्रिस ट्रेमलेट और ब्रेसनन जैसे गेंदबाजों ने नई आशाएं जगाई है. सभी गेंदबाजों को पता था कि विपक्षी टीम को आउट करने के लिए क्या करना है. हम भाग्यशाली हैं कि इन गेंदबाजों ने बढ़िया प्रदर्शन किया और हमारी योजना कामयाब हुई.''

इंग्लैंड के कप्तान के मुताबिक एशेज सीरीज के लिए रवाना होने से पहले उन पर बेहद दवाब था. स्ट्रॉस के मुताबिक पोंटिंग और उनके बीच व्यंग बाण इतने तीखे हो चुके थे कि हार सजा की तरह लगने लगी थी. विजयी कप्तान को अब भी यकीन नहीं है कि उनकी टीम ने ऑस्ट्रेलिया को तीनों टेस्ट मैचों में पारी से हराया. इंग्लैंड ऐसा अगली बार भी कर सकेगा या नहीं, इस पर स्ट्रॉस कहते हैं, ''ऑस्ट्रेलिया इस हार से मजबूत होगा. टीम जोरदार वापसी करेगी. अगली बार जब हम यहां आएंगे तो ऑस्ट्रेलिया हर कीमत पर हमसे सीरीज जीतना चाहेगा, वह ऐसी हार दोबारा बर्दाश्त नहीं करेंगे.''

रिपोर्ट: एजेंसियां/ओ सिंह

संपादन: एस गौड़

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