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दुनिया

सजा काट रहे नर्स पर 84 और हत्याओं के आरोप

नील्स एच ने 2015 में यह बात कबूल की थी कि उसने अपने दो क्लीनिक में 30 लोगों की हत्या की थी. इस मामले में नील्स अगर नए आरोपों का दोषी पाया जाता है तो वह जर्मनी के इतिहास का सबसे बड़ा सीरियल किलर साबित होगा.

2008 में जर्मनी के एक नर्स नील्स एच को 30 हत्याओं के आरोप में साढ़े सात साल की कैद की सजा सुनाई गई थी. नील्स पर आरोप था कि उन्होंने डेलमेनहॉर्स्ट और ओल्डनबर्ग के अस्पतालों और क्लीनिक में 2001 से 2005 के बीच मरीजों को हृदय संबंधी ड्रग्स का ओवरडोज दिया.

जांचकर्ताओं को इस बात की आशंका थी कि इस मामले में मरने वालों की संख्या और अधिक हो सकती है इसीलिए इस मामले में पिछले तीन साल से छानबीन जारी थी. नई जांच में सामने आया है कि नील्स ने लगभग 84 और लोगों की हत्याएं की थीं.

नील्स मरीजों को जानबूझ कर ड्रग्स की अधिक मात्रा देता था. इससे या तो मरीजों को हार्ट अटैक हो जाता था या उनके शरीर के दूसरे अंग काम करना बंद कर देते थे. मरीजों को मरने की स्थिति पर लाकर नील्स उनका दुबारा उपचार करता था. जांचकर्ताओं का कहना है कि इसके पीछे उसका मकसद अपने साथियों के बीच इस हुनर को साबित करना था कि वह मरे हुए को फिर से जिंदा कर सकता है. 2015 में एक मनोविशेषज्ञ ने कोर्ट को बताया था कि 60 दूसरे मामलों में नील्स मरीज को ओवरडोज के बावजूद जिंदा रखने में कामयाब रहा था. 

2015 में शुरू हुए इस मामले के ट्रायल में नील्स ने अपने काम के दौरान और अधिक हत्याओं की बात कबूल भी की थी. इस मामले में अभियोजन पक्ष का भी शुरू से मानना था कि नील्स ने और भी लोगों की हत्याएं की हैं. उस वक्त यह आंकड़ा 43 लोगों का माना जा रहा था. 

यह मामला तब सामने आया था जब नील्स हत्या के प्रयास के कई मामलों में आरोपी बना. अधिकारियों ने बाद में इस मामले में छानबीन शुरू की.

ओल्डनबर्ग पुलिस प्रमुख जोआन ने बताया कि अधिकारियों को इस मामले में 84 और हत्याओं के सबूत मिले हैं. इन सबूतों में उन हत्याओं के भी अन्य सुराग शामिल हैं जिनके लिेए नील्स सजा काट रहा है. अधिकारियों का कहना है कि यह संख्या और भी अधिक रही होगी क्योंकि कई पीड़ितों को लंबे समय पहले दफनाया जा चुका है, जिससे पर्याप्त सबूत नहीं मिल सके हैं. इसके अलावा यह मामला काफी समय पुराना भी है, जिसके कारण लोगों को इस बारे में कई बातें ठीक ठीक याद भी नहीं हैं.

उन्होंने यह भी कहा कि अगर ओल्डनबर्ग और डेलमेनहॉर्स्ट के क्लीनिक में काम करने वाले लोग अधिकारियों को इस बारे में समय से चेता देते तो संभवत: इन मौतों को पहले ही रोका जा सकता था.

शोभा शमी/एनआर (डीपीए, एएफपी)

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