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खेल

"सचिन जिता सकते हैं वर्ल्ड कप"

भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तान रह चुके सौरव गांगुली का कहना है कि अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप में टीम इंडिया जबरदस्त दबाव में रहेगी. लेकिन सचिन तेंदुलकर का अनुभव उन्हें 28 साल बाद ट्रॉफी जिता सकता है.

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वर्ल्ड कप 2011 में सिर्फ 150 दिन बचे हैं और गांगुली का मानना है कि मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में दो अप्रैल को अगर भारत ट्रॉफी उठाना चाहता है, तो सचिन तेंदुलकर को शानदार खेल दिखाना होगा.

दुबई से आईसीसी की एक रिलीज के मुताबिक गांगुली ने कहा, "मुझे उम्मीद है कि उनकी (सचिन तेंदुलकर) वजह से टीम फाइनल में पहुंच सकती है और उसे जीत सकती है. वह भारतीय क्रिकेट को सबसे अच्छा तोहफा दे सकते हैं. वह महान क्रिकेटर हैं और उनके रिकॉर्ड और उपलब्धियां गजब की हैं. वह वर्ल्ड कप जीत कर अपने नाम एक और महान उपलब्धि जोड़ सकते है." वैसे हाल के सालों में भारत सिर्फ एक बार 2003 में वर्ल्ड कप फाइनल तक पहुंचा. उस वक्त टीम की अगुवाई खुद गांगुली कर रहे थे. लेकिन फाइनल में उसे ऑस्ट्रेलिया से हार झेलनी पड़ी.

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गांगुली का कहना है कि टीम पर अच्छा खासा दबाव होगा लेकिन इसके अंदर खिताब जीतने का बूता भी है. उनका कहना है, "इस बात में शक नहीं कि जबरदस्त दबाव होगा. खास तौर पर जब आप भारत में खेल रहे होंगे. हर बार धोनी और सचिन तेंदुलकर जैसे उसकी टीम के खिलाड़ी होटल से बाहर निकलेंगे, तो वहां जमा लोग नारे लगाएंगे कि हम जीतना चाहते हैं, हम जीतना चाहते हैं. इससे दबाव बढ़ेगा. लेकिन मुझे उम्मीद है कि ऐसा हो सकता है."

पिछली बार के वर्ल्ड कप तक में भारत की कप्तानी करने वाले सौरव गांगुली का कहना है, "यह कहना बहुत मुश्किल है कि खिताब कौन जीतेगा. लेकिन मैं तो भारत का ही समर्थन करूंगा. भारत के पास मजबूत टीम है और मुझे उम्मीद है कि वह आखिर तक बहुत अच्छा खेलेगा."

गांगुली को भारत की बल्लेबाजी पर कोई शक नहीं लेकिन गेंदबाजी पर है. उन्होंने कहा कि जिस टीम में सहवाग, सचिन, युवराज, धोनी और गंभीर जैसे बल्लेबाज हों, उसके बारे में क्या चिंता करनी है. लेकिन गेंदबाजी को लेकर थोड़ा शक है.

भारत, बांग्लादेश और श्रीलंका में अगले साल वनडे वर्ल्ड कप खेला जाना है. पहले इसके कुछ मैच पाकिस्तान में भी होने थे लेकिन 2009 में श्रीलंका की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम पर लाहौर में हुए जानलेवा हमले के बाद से पाकिस्तान में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने पर पाबंदी लग गई है.

रिपोर्टः पीटीआई/ए जमाल

संपादनः आभा एम

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