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खेल

सचिन के संन्यास का एलान

मौजूदा क्रिकेट के सबसे बड़े नाम सचिन तेंदुलकर ने क्रिकेट को अलविदा कहने का एलान कर दिया. अगले महीने अपने करियर का 200वां टेस्ट खेलने के बाद वह बल्ला टांग देंगे.

लगभग 24 साल तक क्रिकेट की दुनिया पर राज करने के बाद सचिन इस खेल को अलविदा कहने वाले हैं और उनके मुताबिक यह फैसला इतना आसान भी नहीं रहा, "अपने देश का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान रहा और मैं पूरी दुनिया में खेल पाया."

भारत को वेस्ट इंडीज के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलनी है और उसका दूसरा टेस्ट क्रिकेट की इस किताब का आखिरी पन्ना होगा. सचिन का कहना है, "मैं अपना 200वां टेस्ट खेलने को लेकर उत्साहित हूं. उसके बाद मैं बस कर दूंगा."

टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन, सबसे ज्यादा शतक, वनडे में भी ऐसा ही. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 शतक और वनडे में पहला दोहरा शतक बनाने वाले सचिन तेंदुलकर के नाम पता नहीं कितने रिकॉर्ड हैं. लेकिन उनकी शख्सियत पर कभी ये रिकॉर्ड हावी नहीं हुए और वह हमेशा एक सीधे सरल क्रिकेटर के रूप में जाने जाते रहे. उनके दौर में ही क्रिकेट में पहली बार मैच फिक्सिंग और स्पॉट फिक्सिंग जैसे मामले उठे लेकिन वह खुद कभी किसी विवाद में नहीं फंसे.

Sydney Cricket Stadion

मैदान से बाहर...

सचिन को उनकी कामयाबी और बल्लेबाजी के अलावा उनकी फिटनेस के लिए भी याद रखा जाएगा. संन्यास का एलान करते हुए उन्होंने कहा, "मैं बीसीसीआई का तहेदिल से शुक्रिया अदा करना चाहता हूं कि उन्होंने मुझे इस बात का मौका दिया कि मैं वैसे काम कर सकूं, जो मैं दिल से चाहता था. मैं अपने परिवार का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं कि उन्होंने हमेशा धैर्य बनाए रखा. सबसे ज्यादा मैं अपने प्रशंसकों का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं कि उन्होंने मुझमें भरोसा जताया कि मैं ग्राउंड पर जाकर प्रदर्शन कर पाऊं."

सचिन ने पिछले साल दिसंबर में वनडे क्रिकेट को अलविदा कहने का फैसला किया था और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ट्वेन्टी 20 क्रिकेट तो वह पहले ही छोड़ चुके थे. इस साल के आईपीएल के बाद उन्होंने लीग क्रिकेट से भी खुद को अलग कर लिया.

क्रिकेट को भले ही हाल में टेलीविजन और प्रायोजकों की मदद से बहुत ज्यादा प्रसिद्धि मिली हो लेकिन मौजूदा दौर में इसके विस्तार में अकेले सचिन तेंदुलकर का भी बहुत बड़ा रोल माना जाता है. भारत में तो ऐसे जमाने भी हुआ करते थे, जब सचिन के आउट होने के बाद लोग टीवी देखना बंद कर देते थे. क्रिकेटरों की पूरी जमात उनका लोहा मानती है और ऑस्ट्रेलिया के मैथ्यू हेडन ने तो 1998 में यहां तक कह दिया, "मैंने भगवान को देखा है. वह टेस्ट मैचों में चार नंबर पर बल्लेबाजी करता है." हालांकि सचिन ने नरमी से जवाब दिया, "मैं क्रिकेट का खुदा नहीं हो सकता. मैं गलतियां करता हूं, भगवान नहीं करता."

एजेए/एमजे (एएफपी, पीटीआई)

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