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दुनिया

सऊदी अरब अब भी वित्तीय रूप से मजबूत: सऊदी मंत्री

सऊदी अरब के वित्त मंत्री ने कहा है कि तेल के दामों में आ रही गिरावट के बावजूद उनके देश की वित्तीय स्थिति मजबूत है.

सऊदी सरकार का कहना है कि इस साल उसे 87 अरब डॉलर का बजट घाटा उठाना पड़ सकता है. इस घाटे की वजह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों में गिरावट है, जो सऊदी अरब की आमदनी का सबसे बड़ा जरिया है. वित्तीय घाटे को कम करने के लिए सऊदी सरकार ने घरेलू बॉन्ड जारी किए हैं और पिछले हफ्ते उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहली बॉन्ड पेशकश से 17.5 अरब डॉलर हासिल हुए.

सऊदी वित्त मंत्री इब्राहिम अल असफ ने एक सेमिनार में कहा, "सार्वजनिक वित्तीय मामलों में हम अपनी मजबूत स्थिति को बनाए रखने में सक्षम हैं. हम सरकारी रिजर्व की स्थिरता को बनाए रखने में सक्षम हैं और वो अभी तक ऊंचे स्तर पर हैं. कर्ज का स्तर कम है." सऊदी वित्त मंत्री ने कहा कि सऊदी बैंकों की बैलेंस शीट अब भी मजबूत हैं और मुद्रा का प्रवाह भी अच्छा खासा है. हालांकि उन्होंने माना कि मुद्रा के प्रवाह पर कुछ दबाव हैं.

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आधिकारिक आंकड़े दिखते हैं कि सऊदी अरब का जो विदेशी मुद्रा भंडार 2014 के अंत तक 732 अरब डॉलर था वो अगस्त में घट कर 562 अरब डॉलर रह गया. असफ ने कहा कि सऊदी अधिकारी वित्तीय स्थिरता से जुड़ी नीतियों की समय समय पर समीक्षा कर रहे हैं. घाटे से निपटने के लिए सऊदी सरकार ने इस साल कई बड़े कदमों का एलान किया है जिनमें सरकारी कर्मचारियों के वेतन घटाना भी शामिल है. सऊदी सरकार का कहना है कि वो अर्थव्यवस्था की तेल पर निर्भरता खत्म करना चाहती है और इसके लिए निजी क्षेत्र को बढ़ावा दिया जाएगा.

इससे पहले सऊदी तेल मंत्री खालिद अल फालीह ने कहा कि तेल के दामों में गिरावट का दौर अब खत्म होने वाला है क्योंकि बाजार के बुनियादी आधार मजबूत हो रहे हैं. इस साल जनवरी में प्रति बैरल तेल के दाम 30 डॉलर से भी नीचे चले गए थे जो अब 50 डॉलर के आसपास हैं. 2014 के मध्य में प्रति बैरल तेल का दाम 100 अरब डॉलर तक पहुंच गया था.

एके/वीके (एएफपी)

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