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संदिग्ध हमले में मृतकों की संख्या 114 हुई

पश्चिम बंगाल में माओवादियों के संदिग्ध हमले में मरने वाले लोगों की संख्या 114 हो गई है. ट्रेन के पटरियों से उतरने की वजह अब भी स्पष्ट नहीं. पुलिस का कहना है कि फिश प्लेट उखाड़ी गईं तो रेल मंत्री इससे इनकार करती हैं.

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बचाव कार्य जारी

शनिवार को राहतकर्मियों ने ट्रेन की बोगियों में से और लाशें निकाली हैं जिससे इस घटना में मृतकों की संख्या 114 हो गई और आशंका जताई जा रही है कि मृतकों का आंकड़ा 150 तक पहुंच सकता है. शुक्रवार तड़के हावड़ा से मुंबई जा रही ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस के खेमासूली और सरदिहा ट्रेन स्टेशनों के बीच पटरी से उतर जाने के 30 घंटे बाद भी राहत और बचाव कार्य चल रहा है. जिस इलाके में यह घटना हुई है वहां माओवादियों का खासा प्रभाव माना जाता है.

पश्चिम बंगाल के आईजी सुराजीत कार पुराकायस्थ ने एएफपी न्यूज एजेंसी को बताया कि अब तक 114 शवों को निकाला जा चुका है. बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई एक बोगी को अब भी तलाशा जाना है और 50 यात्रियों का पता नहीं चल पाया है. रिपोर्टों के मुताबिक 200 लोग घायल हुए हैं.

ट्रेन के डिब्बे पटरियों से क्यों उतरे, इस सवाल के भी अलग अलग जवाब सामने आ रहे हैं. पुलिस के मुताबिक रेल पटरियों के एक हिस्से को जानबूझकर हटाया गया था जिससे यह बोगियां पटरी से उतरती चली गईं और बाद में मालगाड़ी से टकरा गए. जबकि कई विश्लेषक मानते हैं कि विस्फोट के चलते ट्रेन की पटरियों को नुकसान पहुंचाया गया. रेल मंत्री ममता बनर्जी ने कहा है जिस स्थान पर यह घटना हुई वहां फिश प्लेट को उखाड़ पाना संभव नहीं है.

कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने शुक्रवार को इस संदिग्ध हमले की जिम्मेदारी पूरी तरह माओवादियों पर डाली. उनका कहना है कि घटनास्थल के पास से कई पर्चें मिले हैं जिनसे साबित होता है कि इसके पीछे माओवादियों का हाथ है.

लेकिन भारत के गृह सचिव जीके पिल्लई मानते हैं कि अभी इस मामले की जांच होनी है. पिल्लई ने कहा कि माओवादियों का हाथ होने की आशंका है क्योंकि उस इलाके में और कोई नहीं है. लेकिन अभी जांच होनी बाकी है.

रिपोर्ट: एजेंसियां/एस गौड़

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