1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

दुनिया

श्रीलंका के कई मंत्रालय राष्ट्रपति राजपक्षे के पास

दो दिन पहले दूसरी बार श्रीलंका की बागडोर संभालने के बाद सोमवार को अपने सेनापतियों के विभागों का बंटवारा करने के साथ ही राजपक्षे ने भावी तस्वीर का खाका खींच दिया है. प्रमुख विभाग अब भी राजपक्षे के पास.

default

रक्षा और वित्त मंत्रालय राष्ट्रपति ने अपने पास रखा है मतलब सत्ता की सिर्फ बागडोर ही नहीं सत्ता तंत्र की धुरी भी वही होंगे. डीएम जयरत्ने को दोबारा प्रधानमंत्री बना दिया गया है जबकि राजपक्षे के भाई और प्रशासन के मुख्य राजनीतिक रणनीतिकार बासेल राजपक्षे एक बार फिर आर्थिक विकास मंत्री का ओहदा पाने में कामयाब रहे. 31 जूनियर मंत्रियों के साथ कुल 49 लोगों को मंत्रिमंडल में जगह मिली है. राजपक्षे ने उन सांसदों पर भी मेहरबानियां लुटाई हैं, जिन्होंने राष्ट्रपति को 18वें संविधान संशोधन में अपना समर्थन दिया था. इसी संशोधन के जरिए श्रीलंका में राष्ट्रपति के कार्यकाल की सीमा खत्म कर दी गई.

Flash-Galerie Sri Lanka Mahinda Rajapaksa

राजपक्षे की पिछली सरकार में कुल 41 मंत्री थे. इस बार श्रीलंका मुस्लिम कांग्रेस को भी मंत्रिमंडल में शामिल होने का मौका मिला है. श्रीलंका के मुस्लिम समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाली इस पार्टी ने चुनावों में विपक्षी उम्मीदवार सरथ फोंसेका का समर्थन दिया था. बाद में ये पार्टी सत्तारुढ़ गठबंधन में शामिल हो गई. पार्टी के नेता रऊफ हकीम को न्याय मंत्री बनाया गया है.

श्रीलंकाई सरकार ने सिंगापुर की शासन व्यवस्था के आधार पर कई वरिष्ठ मंत्रियों के पद बनाए हैं और नौ पुराने राजनेताओं को इन पदों पर बिठाया है. इन नए मंत्रियों के काम करने के तौर तरीको और प्रक्रियाएं क्या होंगी इस बारे में अभी कुछ भी नहीं कहा गया है. राजपक्षे के बेटे नमल भी इस बार के चुनावों में जीत कर सांसद बन गए हैं लेकिन फिलहाल उन्हें मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली है.

मंत्रिमंडल का विस्तार करने के साथ ही राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने देश के कर ढांचे में सुधार का एलान किया है. राजपक्षे का कहना है कि गृहयुद्ध खत्म होने के बाद अब देश का विकास और इसकी अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाना ही उनका लक्ष्य है. वित्त मंत्री की भी जिम्मेदारी संभाल रहे राष्ट्रपति ने अगले साल का बजट पेश करते हुए सालाना घाटे को मौजूदा जीडीपी की 8 फीसदी से घटाकर 6.8 फीसदी पर लाने का लक्ष्य रखा है. राजपक्षे ने कई चीजों पर से आयात शुक्ल खत्म कर दिया है. इसके साथ ही सरकार ने कैसिनो, शराब, शेयर कारोबार और अंतरराष्ट्रीय फोन कॉल्स पर टैक्स बढ़ाने का एलान किया है. श्रीलंका का छोटा सा शेयर बाजार जंग खत्म होने के बाद दुनिया के सबसे बेहतर कारोबारी शेयर बाजारों में से एक रहा है.

रिपोर्टः एजेंसियां/एन रंजन

संपादनः ए जमाल

DW.COM

WWW-Links