1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

जर्मन चुनाव

श्रीकृष्ण रिपोर्ट पर चर्चा से पहले राजनीति गर्म

तेलंगाना पर श्रीकृष्ण कमेटी की रिपोर्ट पर चर्चा के लिए केंद्र की सर्वदलीय बैठक से पहले राजनीति तेज हुई. टीआरएस ने बैठक में जाने की ताजा पेशकश ठुकरा दी है, तो आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया से मिले.

default

विधानसभा के बाहर तेलंगाना की मांग

आंध्र प्रदेश का विभाजन कर अलग तेलंगाना राज्य के गठन के विभिन्न पहलुओं पर रोशनी डालने वाली जस्टिस श्रीकृष्ण कमेटी की रिपोर्ट पर चर्चा के लिए केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम ने गुरुवार को एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है. लेकिन तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) और बीजेपी पहले ही इस बैठक में हिस्सा न लेने का एलान कर चुकी हैं.

टीआरएस ने बैठक में हिस्सा लेने के लिए चिदंबरम की तरफ से की गई ताजा अपील को भी खारिज कर दिया है. पार्टी सूत्रों का कहना है, "चिदंबरम ने दूसरा पत्र भेजा. लेकिन उन्होंने हमारी इन आपत्तियों का जवाब नहीं दिया है कि एक ही पार्टी को अलग अलग राय नहीं देनी चाहिए. अपने पत्र में चिदंबरम ने कहा कि पांच पार्टियों ने पिछले साल जनवरी में इसी तरह की एक बैठक में एक जैसी राय दी थी. लेकिन विवाद इस बात पर है कि तीन पार्टियों ने अलग अलग राय रखी."

चिदंबरम ने इस बैठक में आंध्र प्रदेश की आठ मान्यता प्राप्त पार्टियों को आमंत्रित किया है जिसका टीआरएस बहिष्कार कर रही है. पार्टी सूत्रों का कहना है, "केंद्र सरकार जानबूझ कर पार्टियों में अलग अलग रायों को बढ़ावा देने की कोशिश कर रही है क्योंकि सभी पार्टियों से दो प्रतिनिधि बुलाए गए हैं." टीआरएस की मांग है कि केंद्र सरकार बजट सत्र में एक विधेयक पेश कर अलग तेलंगाना राज्य बनाने का मार्ग प्रशस्त करे, भले श्रीकृष्ण कमेटी की सिफारिशें कुछ भी हों.

उधर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन किरन कुमार रेड्डी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की. समझा जाता है कि इस बैठक के दौरान राज्य में तेलंगाना राज्य की मांग से पैदा राजनीतिक स्थिति पर चर्चा हुई. रेड्डी सर्वदलीय बैठक में हिस्सा लेने के लिए बुधवार को ही दिल्ली पहुंच गए.

पूरा आंध्र प्रदेश बेसब्री से श्रीकृष्ण कमेटी की रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है. इसमें संयुक्त आंध्र प्रदेश या फिर विभाजन कर अलग तेलंगाना राज्य बनाने से जुड़े पहुलओं का विस्तार से विश्लेषण किया गया है. पिछले साल जब केंद्र सरकार ने इस मुद्दे सभी पार्टियों से साल मशविरा करने का फैसला किया तो तेलंगाना क्षेत्र में हिंसा भड़क उठी.

रिपोर्टः एजेंसियां/ए कुमार

संपादनः एस गौड़

DW.COM

WWW-Links