1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

दुनिया

श्रम सुधारों के विरोधी फ्रांसीसी सरकार पर बेअसर

दंगारोधी पुलिस ने फ्रांस में श्रम कानूनों के सुधार का विरोध करने वाले प्रदर्शकारियों को रोक लिया. राष्ट्रपति फ्रांसोआ ओलांद ने साफ किया कि वे अर्थव्यवस्था को पटरी से उतारने की उनकी कोशिशों को कामयाब नहीं होने देंगे.

लेबर लॉ में सुधारों का विरोध कर रहे फ्रांसीसी विरोध प्रदर्शकों ने पेट्रोल की कमी पैदा करने की कोशिश में एक तेल संयत्र पर कब्जा करने की कोशिश की. उनकी कोशिश को पुलिस ने कार्रवाई कर नाकाम कर दिया. देश में कई जगहों पर खाली पड़े पेट्रोल पंपों में सरकारें सप्लाई को दुरुस्त करने में लगी हैं. कई बड़े पेट्रोल पंपों पर लंबी लंबी करारें लगी दिख रही हैं.

फ्रांस की कट्टर सीजीसी यूनियन ने कहा है कि सीआईएम तेल टर्मिनल पर काम करने वाले उसके सदस्यों ने सोमवार तक अपनी हड़ताल को जारी रखने के लिए वोट दिया है. सीआईएम तेल टर्मिनल से ही फ्रांस की जरूरत का 40 फीसदी कच्चा तेल आयात होता है.

जापान में जी-7 बैठक के लिए गए फ्रांसीसी राष्ट्रपति फ्रांसोआ ओलांद ने कहा है कि फ्रांस की अर्थव्यवस्था रफ्तार पकड़ रही है और विरोधियों के रोके से नहीं रुकेगी.

पिछले तीन महीने से सीजीटी यूनियन से जुड़े हजारों लोग सड़कों पर हड़ताल कर रहे हैं, देश में ईंधन की सप्लाई को अवरूद्ध कर रहे हैं. इससे रोजमर्रा का जीवन तो प्रभावित हो ही रहा है, दो हफ्ते में फ्रांस में आयोजित होने वाले यूरो कप टूर्नामेंट की तैयारियों पर बुरा असर पड़ा रहा है. अब तक इसमें कई बार हिंसा हुई है जिसमें प्रदर्शकारी और पुलिस दोनों घायल हुए. करीब 1,300 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

ओलांद के अगले चुनाव में जाने में अब एक साल ही बचे हैं. उनकी लोकप्रियता की रेटिंग काफी कम हो चुकी है और देश में बेरोजगारी बहुत बढ़ी है. ओलांद का मानना है कि इन श्रम सुधारों को लागू करने से बेरोजगारी घटेगी. सीजीटी यूनियनें इन प्रस्तावों को वापस लेने का दबाव बना रही हैं. उनका कहना है कि इससे किसी को नौकरी से निकाला जाना कंपनियों के लिए बहुत आसान हो जाएगा. इसके अलावा कंपनियों के लिए राष्ट्रीय श्रम सुरक्षा नियमों से बाहर रहना भी संभव हो जाएगा.

फ्रांस में प्रदर्शकारियों ने गुरुवार को रैली निकालते समय एक पुलिस स्टेशन पर भी हमला किया था और एक बैंक की खिड़की तोड़ डाली. इसी दौरान सीजीटी सदस्यों ने ईंधन सप्लाई को रोकने की कोशिश की. इसमें 77 लोगों को गिरफ्तार किया गया. इस मार्च में देश भर में करीब 1,50,000 लोगों ने हिस्सा लिया.

आरपी/ओएसजे (रॉयटर्स,एपी)