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फीडबैक

शो को कभी बंद मत कीजियेगा

मंथन कार्यक्रम के बारे में आपकी राय शेयर करते हैं हम अपने सभी दोस्तों से. जानिए क्या कहते हैं हमारे कुछ पाठक...

स्मॉग दुनिया के कुछ बड़े शहरों का गंभीर मसला तो बना हुआ है लेकिन इसे बढ़ाने में इंसान का कितना हाथ है? बड़े शहरों में तो इस सब के बावजूद आबादी भी तेजी से बढ़ रही है. तो क्या वास्तव में स्मॉग एक बहुत बड़ा मसला है या नहीं. आम लोगों पर इसका प्रभाव कैसे पड़ रहा है और क्या कोई ऐसी मिसाल है कि किसी शहर ने इससे छुटकारा हासिल कर लिया हो, या इस हवाले से कोई प्रभावी काम हो रहा हो वहां पर? मंथन में इस हवाले से भरपूर जानकारी मिलने की उम्मीद कर रहे हैं. आजम अली सूमरो, ईगल इंटरनेशनल रेडियो लिस्नर्स क्लब,खैरपुर मीरस, सिंध,पाकिस्तान

हम लोग आपकी वेबसाइट को शाम के समय में सारे पेज खोलकर ध्यानपूवर्क पढ़ते हैं. जिसमें पर्यावरण व विज्ञान की नई खोजों की बातें हमें नियमित मिलती हैं. आपकी वेबसाइट वास्तव में ज्ञान का खजाना है. आजकल भारत में चुनावी रैलियां जोरों पर चल रही हैं. आप चुनावी ताजा खबरें हम तक भेजते रहिए. आपसे एक शिकायत है कि हम लोग अपनी अपनी एंट्री हर प्रतियोगता, चाहे प्रश्नोलॉजी हो या मासिक हो या फिर आज का सवाल नामक प्रतियोगता हो, में भेजते हैं आप हमें इनाम नहीं देते क्या कारण है. हम लोग काफी नाराज हैं. बिजरार कागा, राजस्थान

मैं यह शो मंथन हमेशा से देखते आया हूं. मुझे यह शो बहुत पसंद है. इसकी वजह से हमें देश दुनियां की सारी नई नई तकनीक के बारे में जानकारी मिलती है. मैं आपसे यह कहना चाहता हूं कि इस शो को कभी बंद मत कीजियेगा. मिथिलेश कुमार, उत्तर प्रदेश

Wasser Umwelt Tropfen auf grünes Blatt Tau

खुद पर एक बूंद भी पानी न टिकने देने वाली पत्तियां, इस पर मंथन में एक रिपोर्ट सुनने को मिली और जाना कि इनसे सीख लेते हुए जहाज का निचला हिस्सा भी बनाया जा सकता है. जानकारी काफी अच्छी लगी. इससे न केवल समुद्री यात्रा तेज होगी बल्कि ईंधन भी कम खर्च होगा. बॉन यूनिवर्सिटी के रिसर्चर हवा की परत वाली एक कृत्रिम सतह बनाने में सफल हुए हैं. इससे जर्मन यूनिवर्सिटी के रिसर्चर अपने देश का नाम दुनिया तक पहुंचा रहे हैं. रिपोर्ट से हमने यह भी जाना कि इसकी प्रेरणा उन्हें जलकुंभी जैसे एक दक्षिण अमेरिकी पौधे से मिली है. इस तरह जहाजों को तेज और किफायती बनाने और तेल बचाने में मदद मिलेगी. रिपोर्ट बहुत अच्छी व ज्ञानवर्धक जानकारी वाली थी. रूखबा राम कागा, राजस्थान

संकलनः विनोद चड्ढा

संपादनः ओंकार सिंह जनौटी