1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

खेल

शूमाखर की हालत में बदलाव नहीं

स्की दुर्घटना में घायल मिषाएल शूमाखर की हालत को लेकर उनकी मैनेजर ने ताजा बयान में कहा है कि उन्हें जगाने की प्रक्रिया जारी है. शूमाखर पिछले साल फ्रांस की आल्प पहाड़ियों में स्की के दौरान दुर्घटना का शिकार हो गए थे.

स्की दुर्घटना के दस हफ्ते बाद भी फॉर्मूला वन के दिग्गज मिषाएल शूमाखर की हालत में कोई बदलाव नहीं आया है. उनकी मैनेजर सबीने केम ने बताया कि शूमाखर "जागने की प्रकिया" में हैं. दिसंबर में एक दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बाद वह कोमा में चले गए थे. 13 फरवरी के बाद पहली बार सबीने केम ने शूमाखर की हालत को लेकर बयान जारी किया है. तब जारी बयान में परिवार ने कहा था कि उसे पूरी उम्मीद है कि वह ठीक हो जाएंगे.

केम ने कहा, "मिषाएल अभी भी वेक अप फेज में हैं. हालत में बदलाव नहीं आया है. कोई भी मेडिकल रिपोर्ट जिसकी पुष्टि मिषाएल का इलाज कर रहे डॉक्टर या मिषाएल के मैनेजमेंट के सदस्य नहीं करते, उन्हें वैध नहीं माना जाए." दुनिया भर की मीडिया में शूमाखर की हालत को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं. लेकिन फ्रांस के ग्रेनोबेल में स्थित अस्पताल के डॉक्टरों ने इस बारे में कम ही जानकारी जारी की है.

लौटेंगे शूमाखर

फरवरी में आई खबरों की न तो पुष्टि हुई और न ही उन्हें नकारा गया है जिनमें कहा गया कि शूमाखर को न्यूमोनिया हो गया है और फेफड़ों में हुआ संक्रमण ठीक हो गया. दो हफ्ते पहले शूमाखर के दोस्त और उनकी टीम के पूर्व सदस्य फिलिपे मासा को ऐसा कहते हुए सुना गया था कि हाल में जब वे उनसे मिलने गए थे तो ऐसा लग रहा था कि शूमाखर प्रतिक्रिया दे रहे हैं. मासा ने जर्मन पत्रिका बिल्ड से कहा था, "वे सो रहे हैं. वे सामान्य लग रहे हैं. उन्होंने अपने मुंह से कुछ प्रतिक्रिया जाहिर की. उनके साथ समय बिताने के बाद मैं बेहद खुश था. मैंने उनसे बहुत बात की. टीम किस तरह से काम कर रही है. नई कार के बारे में बात की. मैंने उन्हें सबसे अच्छा संभव ऊर्जा देने की कोशिश की. वे बहुत ही मजबूत इंसान हैं और मुझे पूरी उम्मीद है कि वे दोबारा जिंदगी का आनंद उठा पाएंगे."

पिछले साल 29 दिसंबर की दुर्घटना के बाद 45 वर्षीय शूमाखर को कृत्रिम कोमा में रखा गया था. इस दौरान उनके दो ऑपरेशन भी हुए. 30 जनवरी को जारी एक बयान में परिवार ने कहा था कि शूमाखर को नींद में रखने वाली दवाएं कम की जा रही हैं ताकि उनके जागने की प्रक्रिया शुरू हो सके.

एए/एमजे (एएफपी)

DW.COM

संबंधित सामग्री