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दुनिया

शुरू हुआ 2014 का सफर

न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया ने हर साल की तरह इस बार भी सबसे पहले 2014 का दामन थाम लिया, जिसके बाद 2013 इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया. धीरे धीरे पूरी दुनिया नए साल के आगोश में जा रही है.

सिडनी हार्बर के आस पास दुनिया भर के करीब 10 लाख लोगों ने जमा होकर नए साल का इस्तकबाल किया. यहां की गर्म शाम में खड़े लोगों ने जबरदस्त आतिशबाजी का लुत्फ उठाया. अंतरराष्ट्रीय मानक समय के निकट होने की वजह से न्यूजीलैंड उन देशों में आता है, जहां सबसे पहले घड़ियां रात के 12 बजाती हैं. पास का देश ऑस्ट्रेलिया यहां से करीब दो घंटा पीछे है.

इन देशों के अलावा एशिया प्रशांत के इलाके सबसे पहले 2014 का सूरज देख रहे हैं. हालांकि फिलीपींस में नए साल के जश्न की तैयारी के सिलसिले में उस वक्त बड़ा हादसा हो गया, जब पटाखों में अचानक आग लग गई. इस घटना में 250 से ज्यादा लोग घायल हो गए. यहां नवंबर में जबरदस्त तूफान हैयान आया था, जिसमें 6000 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई.

पड़ोसी देश जापान ने नए साल के मौके पर कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री शिन्जो आबे के नेतृत्व में देश आगे की ओर बढ़ेगा. इंडोनेशिया में आम तौर पर नए साल का जश्न मनाया जा रहा है, लेकिन आचेह प्रांत में ऐसा नहीं हो रहा है क्योंकि वहां के कट्टर इस्लामियों ने नए साल के जश्न पर रोक लगाई हुई है.

2014 में लोगों को जहां ब्राजील में होने वाले विश्व कप का इंतजार है, वहीं भारत के लोगों को लोकसभा चुनाव का सामना करना है. इसके अलावा पहले विश्व युद्ध के 100 साल पूरे हो रहे हैं, जिसके मौके पर यूरोप भर में कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं.

विज्ञान की दुनिया को भी नए साल का खास तौर पर इंतजार है, जब भारत का मंगलयान लाल ग्रह पर पहुंचेगा और वहां की तस्वीरें भेजना शुरू करेगा. इंटरनेट की दुनिया टेलीविजन को पछाड़ देगी और हो सकता है कि आने वाले 20 साल बाद का कोई नया साल टीवी युग के अंत की खबर लेकर आए.

एजेए/एमजे (एपी)

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