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विज्ञान

शिशुओं की खास डायलिसिस मशीन

इटली के वैज्ञानिकों ने शिशुओं के लिए खास डायलिसिस मशीन तैयार की है जो क्रांतिकारी साबित हो रही है. गुर्दे की समस्या में शिशुओं के डायलिसिस के लिए अब तक वयस्कों वाले उपरकण इस्तेमाल हो रहे हैं जिनसे उन्हें खतरा हो सकता है.

इस छोटी सी डायलिसिस मशीन को पिछले साल पहली बार एक नवजात की जान बचाने के लिए इस्तेमाल किया गया. बड़ों के लिए इस्तेमाल की जाने वाली डायलिसिस मशीन से बच्चों को खतरा हो सकता है क्योंकि कई बार उनमें शिशुओं के नाजुक शरीर के अनुसार परिवर्तन करना मुमकिन नहीं हो पाता है.

गुर्दे के ठीक ढंग से काम न करने की स्थिति में रक्त में से नुकसानदेह तत्वों को अलग करने के लिए डायलिसिस मशीन का इस्तेमाल किया जाता है. अस्पताल में भर्ती होने वाले करीब दो फीसदी शिशुओं को गुर्दे की समस्या होती है. ब्रिटेन के रॉयल कॉलेज अस्पताल में गुर्दे संबंधी समस्याओं के बाल चिकित्सा विशेषज्ञ डॉक्टर हीथर लैंबर्ट कहते हैं, "बहुत कम ही शिशुओं को इस इलाज की जरूरत होती है. लेकिन यह जीवनरक्षक है."

नई डायलिसिस मशीन उन बच्चों के लिए इस्तेमाल होती है जिनका वजन 10 किलो से कम है. इसे इटली के शहर वीचेंसा के सान बार्तोलो अस्पताल की डॉक्टर क्लाउडियो रोंको ने विकसित किया. लैंबर्ट और न्यूकासल के ग्रेट नॉर्थ चिल्ड्रेंस हॉस्पिटल के उनके साथी भी ऐसी ही एक छोटी डायलिसिस मशीन पर काम कर रहे हैं.

पिछले साल गर्मियों में यूरोपीय अधिकारियों द्वारा लाइसेंस मिलने के कुछ ही हफ्ते बाद इसे पहले मरीज पर इस्तेमाल किया गया. यह मरीज एक तीन साल की बच्ची थी जिसका वजन मात्र तीन किलो था. उसके शरीर के कई अंग काम नहीं कर रहे थे. रोंको ने बताया कि बच्ची के माता पिता उसके जीवन के बारे में बिल्कुल नाउम्मीद हो चुके थे. लेकिन हाल ही में जब वे बच्ची को लेकर रोंको से मिलने आए तो काफी कुछ बदल चुका था.

रोंको ने बताया, "बच्ची बहुत रो रही थी, लेकिन वह इसलिए कि उसको भूख लगी थी. अब वह बिल्कुल ठीक है." कभी कभार उसको गुर्दे से संबंधित समस्या हो जाती है. फिर उसे कुछ विटामिन डी की दवाएं दी जाती हैं. लेकिन इस परेशानी के अलावा उसका विकास ठीक ढंग से हो रहा है. उसके बाद से पूरे यूरोप में इस मशीन की मदद से 10 और बच्चों का इलाज किया जा चुका है.

विज्ञान पत्रिका लैंसेंट में हाल में छपी रिपोर्ट में इस मशीन और उससे ठीक हुए मरीजों के बारे में लिखा गया है. इटली में गुर्दे के मरीजों के लिए काम करने वाली एक संस्था ने इस मशीन को विकसित करने के लिए पैसे दिए थे. मशीन की कीमत करीब 35,000 यूरो है.

कनाडा के मोंट्रियल चिल्ड्रेंस हॉस्पिटल में बाल चिकित्सा विभाग में सहायक प्रोफेसर डॉक्टर बेथनी फॉस्टर भी मानते हैं, "शिशुओं के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है. इस तकनीक से वे लोग जिस शिशु का इलाज कर रहे थे, मैं उम्मीद भी नहीं कर सकता था कि वह जीवित रह पाएगा." फॉस्टर मानते हैं कि डॉक्टरों को यह बहुत ध्यान से तय करना होगा कि इस तकनीक से किस शिशु का इलाज किया जा सकता है और किसका नहीं.

एसएफ/एमजे (एपी)

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