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दुनिया

शिव सेना सांसद की आलोचना

शिव सेना के सांसदों द्वारा रमजान के दौरान एक मुस्लिम कर्मचारी को जबरदस्ती खिलाने के आरोप की संसद के दोनों सदनों में भारी आलोचना हुई है. राजनीतिज्ञों ने विधायक के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है.

एक वीडियो फुटेज में दिखाया गया है कि शिव सेना के सांसद दिल्ली के महाराष्ट्र सदन में एक मुस्लिम कर्मचारी को जबरदस्ती खाना खिला रहे हैं. महाराष्ट्र सदन के कुछ कर्मचारियों ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि कुछ शिव सैनिक सदन में खाने को लेकर असंतुष्ट थे. उनकी शिकायतों को सुनने वाला कोई नहीं था और इसलिए कुछ सांसद कैंटीन चले गए और केटरर के एक कर्मचारी से सवाल किए. इस कर्मचारी का नाम अरशद जुबैर है और वह रमजान के महीने में रोजे रख रहा था. राजन निचारे फिर बहुत नाराज हो गए और जुबैर के मुंह में जबरदस्ती रोटी ठूंस दी.

विचारे ने पहले तो आरोपों को खारिज कर दिया लेकिन टीवी में फुटेज के दिखाए जाने के बाद उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात पर खेद है, "मुझे उस कर्मचारी का नाम, उसकी जात या उसके समुदाय के बारे में नहीं पता था." महाराष्ट्र सदन के लिए केटरिंग कर रही कंपनी आईआरसीटीसी, जो रेल में भी केटरिंग करती है, ने घटना का विरोध करते हुए सदन से अपने सारे कर्मचारी हटा लिए हैं और कहा है कि उसके कर्मचारी को इस मामले से बहुत ठेस पहुंची है.

विपक्ष की पार्टियों ने सरकार से मांग की कि घटना को संसद की नैतिक समिति के हवाले करना चाहिए. राज्य सभा और लोक सभा, दोनों में इस घटना को लेकर खासा विवाद हुआ और संसद को स्थगति कर दिया गया. इस दौरान कांग्रेस सहित कई और पार्टियों के नेताओं ने वॉक आउट किया. नेताओं ने अपील की है कि मामले को शांति से संभाला जाए और सांप्रदायिक भावनाओं को सीमा में रखा जाए.

महाराष्ट्र में भी कई राजनीतिक दलों ने इस मामले की निंदा करते हुए उसे माफ न करने लायक बताया है. पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता मिलिंद देवरा ने कहा, "यह विजिलांटे न्याय है. क्या हम यही पांच साल तक देखेंगे."

एमजी/एमजे(पीटीआई, एएफपी)

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