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मनोरंजन

शाहरुख को फ्रांस का नागरिक सम्मान

बॉलीवुड के अभिनेता शाहरुख खान को फ्रांस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान "नाइट ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर" से नवाजा गया है. उन्हें यह सम्मान कला और संस्कृति जगत में उनके शानदार योगदान के लिए दिया गया है.

शाहरुख यह सम्मान पाने वाले भारत के दूसरे अभिनेता हैं. इसके पहले मेगास्टार अमिताभ बच्चन को यह सम्मान दिया जा चुका है. शाहरुख को यह सम्मान मुंबई में आयोजित एक समारोह में फ्रांस के विदेश मंत्री लौरां फाबिउस ने दिया. सम्मान पाने के बाद शाहरुख ने कहा, "मेरे लिए यह प्रतिष्ठित सम्मान हासिल करना गर्व और खुशी की बात है. आज मेरी मां का जन्मदिन है. अगर आज वह जीवित होतीं तो मुझे यह प्रतिष्ठित सम्मान मिलता देख बहुत खुश होतीं." शाहरुख की मां सामाजिक कार्यकर्ता थीं. उनकी मौत 1991 में सेप्सिस से हो गई थी.

पुरस्कार समारोह में शाहरुख ने कहा, "मैं सिर्फ अपने लिए यह अवार्ड स्वीकार नहीं कर रहा हूं, बल्कि सैकड़ों फिल्मकारों की ओर से यह सम्मान ग्रहण कर रहा हूं." नवंबर 1965 में जन्मे शाहरुख खान इस समय भारत के सबसे सफल अभिनेताओं में एक हैं. अभिनय के अलावा वे सफल फिल्म निर्माता भी हैं. अपने करियर की शुरुआत उन्होंने टेलिविजन सिरीयल 'फौजी' से की थी.

मां की मौत के बाद शाहरुख मुंबई चले गए जहां उनकी पहली फिल्म 'दीवाना' 1992 में रिलीज हुई और हिट रही. इस फिल्म के बारे में उन्होंने हाल ही में कहा था कि अब तक उन्होंने दीवाना नहीं देखी है. 'डर' और 'बाजीगर' जैसी फिल्मों में एंटी हीरो का किरदार निभाने के बाद उन्होंने फिर से रोमांटिक हीरो की भूमिका निभानी शुरू की और काजोल के साथ उनकी फिल्में काफी लोकप्रिय हुई. कुछ वक्त पहले उनकी अत्यंत सफल फिल्म 'चेन्नई एक्सप्रेस' आई.

शाहरुख खान को फिल्म उद्योग में उनके योगदान के लिए 2006 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया. 2007 से उनकी मोम की प्रतिमा मैडम तूसो संग्रहालय में है. भारत के बाहर हिन्दी सिनेमा को लोकप्रिय बनाने में उनकी बड़ी भूमिका रही है. इस बीच हिन्दी सिनेमा विदेशों में इतना स्थापित हो गया है कि कारोबार के हिसाब से वह महत्वपूर्ण इलाका बन गया है.

आईबी/एमजे (वार्ता)

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