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विज्ञान

शादी के लिए खतरा लो ब्लड शुगर

पति पत्नी के बीच झगड़े या बहस की हजारों वजहों में अब ब्लड शुगर भी जुड़ गया है. वैज्ञानिकों को पता चला है कि अगर आपके खून में शुगर की मात्रा कम है तो आपको अपने पार्टनर पर ज्यादा गुस्सा आएगा.

रिसर्चर समय समय पर हमें कुछ कारण बताते रहते हैं जिनसे साबित होता है कि शादी निभाना इतना मुश्किल क्यों है. वैसे तो कभी कभार आपस में छोटे मोटे मनमुटाव के लिए कोई गहरा कारण ढूंढने की जरूरत नहीं लेकिन अगर बात बात पर गुस्सा या खीज हो तो एक बार अपने ब्लड शुगर की जांच करें. एक टेस्ट के जरिए वैज्ञानिकों को पता चला है कि खून में ब्लड शुगर की मात्रा कम होने से पति या पत्नी को अपने पार्टनर पर गुस्सा जल्दी आता है.

वूडू डॉल पर उतरा गुस्सा

यह जानकारी हासिल करने के लिए 107 शादीशुदा जोड़ों से 21 दिनों तक, हर सुबह नाश्ते से पहले और रात को सोने से पहले ब्लड शुगर चेक करने को कहा गया. इसके अलावा, पति और पत्नी दोनों को 21 वूडू गुड़िया और ढेर सारी पिनें दी गईं. उन्हें अपने पार्टनर पर जितना गुस्सा आए, उतनी पिनें गुड़िया में चुभोनी थीं.

तीन हफ्तों तक चले इस टेस्ट के अंत में गुड़िया में चुभोई गई पिनों की संख्या देखी गई. रिसर्चरों ने पाया कि जिन दिनों में पति या पत्नी के खून में चीनी की मात्रा कम थी, उन दिनों उन्हें अपने पार्टनर पर ज्यादा गुस्सा आया और उन्होंने ज्यादा पिनें चुभाईं.

इस स्टडी के प्रमुख ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी के लेखक ब्रैड बुशमैन बताते हैं, "जब उनके खून में कम ग्लूकोस था तब उन्हें ज्यादा गुस्सा आया और उन्होंने पार्टनर पर आ रहा गुस्सा गुड़िया पर पिन चुभा कर निकाला." इस टेस्ट में देखा गया कि आम तौर पर जिन जोड़ों ने काफी अच्छे आपसी संबंधों का दावा किया था, उन्होंने ब्लड शुगर कम होने पर अपना गुस्सा ज्यादा आसानी से जताया यानि ज्यादा पिनें चुभाईं.

प्यार और भूख का नाता

बुशमैन बताते हैं कि गुड़िया में चुभाई गई पिनों की संख्या और असलियत में किए गए गुस्से में सीधा संबंध है. रिसर्चर बताते हैं कि ब्लड शुगर या ग्लूकोस दिमाग के लिए ईंधन का काम करता है.

असल में इंसानी शरीर को ऊर्जा के लिए कुल जितनी कैलोरी की जरूरत है, उसका करीब 20 फीसदी दिमाग की खपती है. वजन के हिसाब से मस्तिष्क शरीर का सिर्फ 2 फीसदी है लेकिन शरीर की सभी भावनात्मक गतिविधियों का केंद्र है. नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज में छपने वाली इस स्टडी के आधार पर रिसर्चरों की एक सीधी साधी सलाह है, "अपने पार्टनर के साथ बातचीत के किसी कठिन दौरे को शुरू करने से पहले यह निश्चित करें कि आप भूखे न हों."

आरआर/आईबी (एएफपी)

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