1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

दुनिया

शरीर और सुरंग ड्रग तस्करी के रास्ते

अमेरिका और मेक्सिको बॉर्डर पर एक सुरंग मिली है जिसमें इलेक्ट्रिक रेल तक का इंतजाम है, तो अर्जेंटीना के अस्पतालों में पुलिस के हाथों पकड़े ऐसे लोगों की लाइन लगी है जो शरीर में ड्रग छिपाकर ले जाते हैं.

नशीली दवाओं के तस्करों ने नए रास्ते निकाल कर अधिकारियों की नाक में दम कर रखा है. अधिकारियों ने मेक्सिको के तिखुआना और अमेरिकी शहर सैन डिएगो को जोड़ने वाली एक सुरंग से साढ़े आठ टन गांजा और 327 पाउंड कोकेन बरामद किया है. अमेरिकी पुलिस अधिकारी लॉरा डुफी ने बताया कि गैर कानूनी नशीली दवाओं के साथ पकड़े गए तीनों लोगों को जुर्म साबित होने पर कम से कम 10 साल कैद की सजा हो सकती है.

यह सुरंग तिखुआना के एक माल गोदाम से अमेरिका के औद्योगिक इलाके ओटे मेसा में खुलती है. सुरंग के जरिये यहां से चोरी छिपे ट्रकों में नशीले पदार्थों को लोड कर दूसरी तरफ पहुंचा देना आसान है. अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि इस गुप्त सुरंग में सभी जरूरी सुविधाएं मौजूद हैं. अमेरिका और मेक्सिको के बीच नशीले पदार्थों की तस्करी नई बात नहीं है. 2008 से अब तक दोनों देशों की सीमा पर 75 से ज्यादा जमीन के नीचे गुप्त मार्ग पकड़े जा चुके हैं. इनके जरिए गांजे की तस्करी होती रही है. सैन डिएगो में यह अब तक की आठवीं बड़ी सुरंग है.

ड्ग ले जा रहे शरीर

अर्जेंटीना में ब्यूनस आयर्स हवाई अड्डे के पास की एजीजा अस्पताल में डॉक्टरों को आए दिन ऐसे लोगों का ऑपरेशन करना पड़ता है जो अपने शरीर में नशीली दवाइयां छुपाकर सीमा पार कर रहे होते हैं. अवैध ड्रग ले जाने के लिए ये लोग अपनी जान खतरे में डालते हैं. इन्हें पुलिस यहां लेकर आती है. अस्पताल की निदेशक डॉक्टर ग्रासिएल सोरेंटीनो ने बताया कि जब 1994 में उनके पास पहला ड्रग कैरियर व्यक्ति लाया गया को उन्हें पता नहीं था कि उसका इलाज कैसे करना है. तब से अब तक ऐसे लोगों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है. धीरे धीरे समझ आया कि इससे कैसे निबटना है.

Gesichtschirurgie in Jena

उन्होंने बताया कि पिछले लगभग बीस सालों में अस्पताल ने ऐसे 500 से ज्यादा मामलों में इलाज किया है. इसमें करीब तीस हजार ड्रग कैप्सूल बरामद हुईं, एक कैप्सूल का भार 10 से 20 ग्राम के बीच होता है. चार से आठ सेंटीमीटर लंबी इन कैप्सूलों में कोकेन भरी होती है. ये लोग इन्हें शरीर के अंदर पहुंचाने के लिए गाजर या फ्रीज किए हुए अंगूर के अंदर भर कर निगल लेते है. इन लोगों के लिए अस्पताल में अलग टॉयलेट है जहां से कैप्सूलों को इकट्ठा किया जाता है.

कई बार ड्रग के शरीर में फैल जाने की स्थिति में ऑपरेशन कर उसे शरीर से निकालना पड़ता है. ऐसे में कई लोग जान भी गंवा देते हैं. डॉक्टर सोरेंटीनो ने कहा, "हम 21 साल के एक लड़के की जान नहीं बचा पाए. वह अपने जीवन की शुरुआत ही कर रहा था. ड्रग की ठीक से पैकिंग ना होने के कारण चार ड्रग कैप्सूल शरीर के अंदर ही खुल गए और हम उसे बचाने के लिए कुछ नहीं कर सके."

जिम्मेदारी किसकी?

अस्पताल के आइसीयू में काम करने वाले लुई टाको कई बार सोचते हैं कि वह भी एसे ही लड़कों में से एक हो सकते थे अगर उन्हें पढ़ाई लिखाई का मौका ना मिलता. उन्होंने कहा, "हम ड्रग शरीर में ले जाने वाले इन लोगों को देखते हैं लेकिन यह नहीं सोचते कि ये आखिर ऐसा क्यों कर रहे हैं, इसके पीछा क्या कारण है." उन्होंने बताया इस काम के बदले इन लोगों को जो पैसे मिलते हैं वह भी मामूली ही है.

शरीर में ड्रग भर कर ले जाने वाले जो लोग एजीजा अस्पताल लाए जाते हैं वे ज्यादातर लैटिन अमेरिकी देशों के होते हैं. एक बार ठीक हो जाने के बाद उन्हें वापस पुलिस को सौंप दिया जाता है. उसके बाद उनका क्या होता है, पूछने पर टाको कहते हैं उन्हें इस बारे में कोई अंदाजा नहीं.

डॉक्टर सोरेंटीनो मानती हैं असल अपराधी ड्रग ले जाने वाले लोग नहीं बल्कि उन्हें इस काम में लगाकर उनका शोषण करने वाले हैं. उनके लिए तो ये शरीर इस्तेमाल के बाद बेकार सामान की तरह फेंक देने लायक ही हैं.

रिपोर्ट: एलिस ओ नील/ एसएफ (एपी)

संपादन: एन रंजन

DW.COM

संबंधित सामग्री